1-दिल्ली की 70 विधानसभा सीटों के लिए सुबह आठ बजे से वोटिंग शुरू हो गई है. आज करीब डेढ़ करोड़ मतदाता 672 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करेंगे. इनमें लगभग 81 लाख पुरुष मतदाता हैं. पहली बार वोट डालने वालों की संख्या 2.32 लाख है. चुनावों के नतीजे 11 फरवरी को आने हैं.

2-इस बार चुनाव में मोबाइल एप, क्यूआर कोड और सोशल मीडिया इंटरफेस जैसी तकनीकों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है. दिल्ली के 11 जिलों में एक-एक विधानसभा सीट चुनी गई है जिस पर मतदाता मतदान पर्ची बूथ पर नहीं लाने की स्थिति में स्मार्टफोन के जरिए हेल्पलाइन एप से क्यूआर कोड प्राप्त कर सकता है.

3-चुनाव के मद्देनजर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ प्रदर्शन का केंद्र बने शाहीन बाग में विशेष सुरक्षा बंदोबस्त हैं. करीब सवा लाख सुरक्षा कर्मी दिल्ली की सुरक्षा की कमान संभाले रहेंगे. कानून-व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए होमगार्ड के 19,000 जवान और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) की 190 कंपनियां भी तैनात की गई हैं.

4-2015 को विधानसभा चुनाव में 70 में से 67 सीटों पर जीत दर्ज कर आप ने भाजपा को चित कर दिया था. लेकिन बीते साल हुए लोकसभा चुनाव में भाजपा ने दिल्ली की सातों सीटें जीतकर आप का सूपड़ा साफ कर दिया. फिलहाल चुनाव पूर्व सर्वे आप को भाजपा पर भारी बता रहे हैं.

5-नतीजे तय करने में युवा वोटरों की अहम भूमिका मानी जा रही है. दिल्ली में 18 से 40 वर्ष तक की उम्र के मतदाताओं की कुल संख्या 79.70 लाख है. यह कुल मतदाताओं का 42 फीसदी है.