चीन में घातक कोरोना वायरस से मरने वालों का आंकड़ा बढ़ता ही जा रहा है. शुक्रवार को 86 और लोगों की मौत के साथ यह 722 तक पहुंच गया. इसके साथ ही यह साफ हो गया है कि यह वायरस मौतों के मामले में सार्स को पीछे छोड़ देगा. सार्स के चलते 2002-03 में दुनिया भर में 774 लोगों की मौत हो गई थी.

कोरोना वायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित चीन का हुबेई प्रांत है. इसकी राजधानी वुहान में ही सबसे ज्यादा मौतें हुई हैं. वायरस चीन से बाहर भी फैल चुका है. हांगकांग और फिलीपींस में भी इससे दो मौतें हो चुकी हैं. विश्व स्वास्थ्य संगठन आपातस्थिति घोषित कर चुका है. भारत सहित दुनिया भर के तमाम देश इस जुगत में लगे हैं कि कोरोना वायरस का संक्रमण उनके यहां न फैले.

कोरोना वायरस के इस संक्रमण का पहला मामला बीते दिसंबर में सामने आया था. माना जा रहा है कि यह वुहान के उस बाजार से फैला जहां बड़ी तादाद में जंगली जानवर खाने के लिए बेचे जाते हैं.

उधर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि चीन कोरोना वायरस से उपजी इस महामारी पर काबू पाने के लिए बहुत पेशेवर तरीके से काम कर रहा है. डोनाल्ड ट्रंप का यह भी कहना था कि उन्होंने इस सिलसिले में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से भी बात की थी. अमेरिकी राष्ट्रपति के मुताबिक दोनों देश इस मुद्दे पर मिलकर काम कर रहे हैं.