सीएए-एनआरसी को लेकर चल रहे प्रदर्शनों के बीच कर्नाटक भाजपा की ओर से ट्वीट किए गए एक वीडियो को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. इस ट्वीट में लाइन में खड़ी महिला वोटरों का वीडियो है और लिखा गया है, ‘कागज नहीं दिखाएंगे हम!!! इन डॉक्यूमेंट्स को सुरक्षित रखो, आपको एनपीआर के दौरान दोबारा दिखाने की जरूरत पड़ेगी.’ वीडियो में मुस्लिम महिला वोटर अपना वोटर आईडी कार्ड दिखाती हुई नजर आ रही हैं.

‘कागज नहीं दिखाएंगे हम’ सीएए-एनआरसी प्रदर्शनों के दौरान नारे की तरह इस्तेमाल हुआ था. इस पर तंज करते हुए कर्नाटक भाजपा के ट्वीट में कहा गया है कि इन दस्तावेजों को संभाल कर रखिये क्योंकि एनपीआर में इन्हें फिर दिखाना पड़ेगा. इस वीडियो के सामने आने के बाद इसकी आलोचना शुरु हो गई है. सोशल मीडिया पर कई लोगों ने लिखा कि यह घृणा और धमकी की भाषा है.

गृह मंत्री समेत सरकार की ओर से कई बार स्पष्ट किया जा चुका है कि एनपीआर में दस्तावेज दिखाना स्वैच्छिक होगा. इसके अलावा यह भी कहा गया है कि एनपीआर से एनआरसी का कोई मतलब नहीं है. एनपीआर जनगणना से संबंधित है और एनआरसी की अभी कोई योजना नहीं है.