उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती पर पीएसए लगाए जाने के पीछे अजीबोगरीब दलीलें

जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्रियों उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती पर जन सुरक्षा अधिनियम (पीएसए) लगाए जाने के पीछे प्रशासन ने अजीबोगरीब दलीलें दी हैं. द टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक उमर अब्दुल्ला के बारे में कहा गया है कि वे आतंकवाद के चरम वाले दौर में भी अपने वोटरों को मतदान केंद्र तक लाने में सफल रहे जिससे पता चलता है कि उनमें लोगों को प्रभावित करने की कितनी क्षमता है. उधर, महबूबा मुफ्ती के बारे में कहा गया है कि वे ‘डैडीज गर्ल’ हैं जिन्होंने आतंकियों की मौत के बाद उनका महिमामंडन किया. इन दोनों पूर्व मुख्यमंत्रियों को बीते साल पांच अगस्त से हिरासत में रखा गया था जिसकी अवधि बीते हफ्ते खत्म हो गई. इसके बाद इन पर पीएएस लगा दिया गया.

अर्धसैनिक बलों के अफसरों के लिए सिविल सेवा के साथ परीक्षा पर विचार

केंद्र सरकार अर्धसैनिक बलों में प्रवेश स्तर के अधिकारियों की भर्ती के लिए संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की परीक्षा में बदलाव करने पर विचार कर रही है. दैनिक जागरण के मुताबिक इसे आईएएस और आईपीएस अधिकारियों के चयन के लिए आयोजित की जाने वाली सिविल सेवा परीक्षा के साथ मिलाने पर भी विचार किया जा रहा है. सरकार ने पिछले साल केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) को संगठित समूह ए सेवा (ओजीएएस) श्रेणी का दर्जा प्रदान किया था. सीएपीएफ के अंतर्गत केंद्रीय रिजर्व पुलिस फोर्स (सीआरपीएफ), सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआइएसएफ), भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आइटीबीपी) और सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) आते हैं. ओजीएएस का टैग मिलने से किसी बल को भर्ती के अपने नियम बनाने और प्रमोशन, भुगतान, कमांड और अपने अधिकारियों को प्रतिनियुक्ति पर भेजने के अधिकार मिल जाते हैं.

राम मंदिर निर्माण की तारीख का ऐलान 19 फरवरी को हो सकता है

अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण की तारीख का ऐलान इसी महीने संभव है. हिंदुस्तान के मुताबिक इसके लिए गठित श्रीराम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की पहली बैठक 19 फरवरी को नई दिल्ली में होने की तैयारी है. इसी बैठक में मंदिर निर्माण की तारीख का ऐलान हो सकता है. हाल में खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में इस ट्रस्ट के गठन का ऐलान होगा. ट्रस्ट में 15 सदस्य होंगे. नरेंद्र मोदी ने कहा था कि इसे राम मंदिर के निर्माण के बारे में कोई भी फैसला लेने की पूरी छूट होगी.