दिल्ली के शाहीन बाग इलाके में सीएए विरोधी धरने-प्रदर्शन के दौरान चार महीने के एक बच्चे की ठंड से मौत पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त टिप्पणी की है. उसने सवाल किया, ‘क्या चार महीने का बच्चा विरोध प्रदर्शन करने गया था?’

सुप्रीम कोर्ट ने वीरता पुरस्कार से अलंकृत छात्रा ज़ेन गुणरत्न सदावर्ते की चिट्ठी पर इस मामले का स्वतः संज्ञान लिया है. छात्रा ने शीर्ष अदालत से अनुरोध किया था कि इस तरह के धरने प्रदर्शन में बच्चों को शामिल न किया जाए और इसे लेकर दिशा-निर्देश बनें. छात्रा ने कहा कि इस तरह धरने आदि में बच्चों को ले जाना उन पर अत्याचार है. उसने बच्चे की मौत के मामले में जांच की मांग भी की है. सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में केंद्र और दिल्ली सरकार को नोटिस जारी किया है.

चार महीने के मोहम्मद जहां को उसकी मां रोज शाहीन बाग में चल रहे धरने में लेकर जाती थीं. ठंड के चलते उसे न्यूमोनिया हो गया और बीती 30 जनवरी को उसने दम तोड़ दिया.