संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के खिलाफ सोमवार को जामिया मिल्लिया इस्लामिया के छात्रों ने संसद की ओर मार्च निकालने की कोशिश की. इस दौरान पुलिस द्वारा इन्हें रोके जाने पर प्रदर्शनकारी छात्रों और पुलिस कर्मियों के बीच भिड़ंत हो गई. पीटीआई के मुताबिक धक्‍का-मुक्‍की में करीब 35 छात्रों को चोटें आई हैं जिनका इलाज एक निजी अस्पताल में चल रहा है.

न्यूज़ एजेंसी के मुताबिक कुछ प्रदर्शनकारी छात्रों का आरोप है कि पुलिस ने उनसे मारपीट की और उन पर लाठीचार्ज किया. हालांकि, दिल्ली पुलिस ने इन आरोपों का खंडन किया है. दक्षिण-पूर्व दिल्ली जिले के डीसीपी आरपी मीणा ने मीडिया से बातचीत में कहा, ‘पुलिस की तरफ से कोई मारपीट नहीं की गई है. हमने बकायदा वीडियोग्राफी कराई है. छात्रों का विरोध-प्रदर्शन 12 बजे के आसपास शुरू हुआ और यह करीब 8 घंटे बाद खत्म हुआ.’ मीणा के मुताबिक पुलिस ने जामिया छात्रों के उग्र प्रदर्शन को होली फैमिली अस्पताल के पास बेहद शांतिपूर्ण तरीके से संभाला है.

दिल्ली पुलिस का यह भी कहना है कि प्रदर्शनकारियों को संसद की ओर मार्च करने की इजाजत नहीं थी और इस वजह से प्रदर्शन को लेकर आईपीसी की धारा 186 और 353 के तहत एक एफआईआर दर्ज की गई है.