दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजे यहां कांग्रेस को फिर एक बार जीरो साबित कर रहे हैं. अभी तक जो जानकारियां आ रही हैं उनके मुताबिक पिछली बार की तरह दिल्ली में पार्टी का आंकड़ा शून्य सीट पर सिमट सकता है. इसे लेकर चर्चित लेखक चेतन भगत ने कांग्रेस पर चुटकी ली है. उन्होंने कहा है कि कांग्रेस के कुछ नेताओं को अरविंद केजरीवाल को अपना नेता मान लेना चाहिए. चेतन भगत के मुताबिक इससे इन नेताओं के राजनीतिक करियर के बेहतर होने की संभावना है.

दिल्ली कांग्रेस के अध्यक्ष सुभाष चोपड़ा ने पार्टी की हार की जिम्मेदारी ली है. उन्होंने कहा, ‘मैं पार्टी के प्रदर्शन की जिम्मेदारी लेता हूं. हम इसकी वजहों की समीक्षा करेंगे.’ उन्होंने कांग्रेस के वोट प्रतिशत में गिरावट का कारण भाजपा और आम आदमी पार्टी की ध्रुवीकरण की राजनीति को बताया.

दिल्ली की 70 विधानसभी सीटों में से 58 पर सत्ताधारी आप आगे है. उधर, भाजपा के खाते में 12 सीटें जाती दिख रही हैं.