चीन में कोरोना वायरस से मौतों का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा. सोमवार को इससे 103 लोगों की मौत हो गई. यह एक दिन में कोरोना वायरस से होने वाली मौतों की सबसे बड़ी संख्या है. इसके साथ ही इसकी चपेट में आकर मरने वालों का आंकड़ा एक हजार के पार हो गया है. 42 हजार से ज्यादा लोग इससे संक्रमित हैं.

उधर, विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि कोरोना वायरस के चीन से बाहर जाने का मतलब यह है कि अब दुनिया पर और बड़ी आफत आ सकती है. उसके मुताबिक मानवजाति को भरसक कोशिश करनी चाहिए कि यह महामारी उसके काबू के बाहर न निकल जाए. संस्था इस सिलसिले में पहले ही आपातस्थिति घोषित कर चुकी है.

कोरोना वायरस की कोई दवा नहीं है. न ही इससे बचाव का कोई टीका बना है. अभी फिलहाल लक्षणों के आधार पर ही मरीजों का इलाज किया जा रहा है. ये लक्षण फ्लू जैसे होते हैं जो घातक न्यूमोनिया में बदल रहे हैं.

उधर, भारत ने कोरोना वायरस से लड़ने में चीन की मदद की पेशकश की है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस सिलसिले में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग को फोन किया था. इस दौरान प्रधानमंत्री ने इतनी बड़ी संख्या में लोगों की मौत पर शोक भी जताया.