दिल्ली की एक अदालत ने मुजफ्फरपुर बालिका आश्रय गृह मामले में इसके संचालक ब्रजेश ठाकुर को उम्रकैद की सजा सुनाई है. खबरों के मुताबिक अदालत ने उसे पॉक्सो कानून के तहत गंभीर यौन उत्पीड़न और सामूहिक बलात्कार का दोषी ठहराया. 11 अन्य दोषियों को भी उम्र कैद हुई है.

मुजफ्फरपुर बालिका गृह में यौन शोषण का मामला मई 2018 में तब सामने आया था जब टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज ने अपने ऑडिट के दौरान यहां की बच्चियों से बातचीत कर एक रिपोर्ट तैयार की थी. इसके बाद पुलिस जांच में कई लड़कियों के गायब होने का खुलासा भी हुआ. विवाद बढ़ा तो राज्य सरकार ने मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी. बीते मार्च में सीबीआई ने ब्रजेश ठाकुर समेत सभी आरोपितों खिलाफ आरोप पत्र दायर किया था. इनमें आठ महिलाएं थीं.

जांच के दौरान सीबीआई ने यह भी दावा किया था कि उसे बालिका गृह के भीतर खुदाई में कंकाल मिले हैं. उसका कहना था कि कई बच्चियों की हत्या कर उन्हें परिसर में ही दफना दिया गया था. लेकिन बाद में जांच एजेंसी ने कहा कि उसे जिन बच्चियों की हत्या का शक था वे जिंदा हैं. उसके मुताबिक जो कंकाल बरामद हुए थे वे एक पुरुष और महिला के थे.