2000 के कुख्यात मैच फिक्सिंग घोटाले के मामले में पुलिस को एक बड़ी कामयाबी मिली है. दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच इस घोटाले के मुख्य आरोपित और सटोरिये संजीव चावला को भारत लाने में सफल रही है. उसे 2016 में लंदन में गिरफ्तार किया गया था. संजीव चावला को एक विशेष संधि के तहत भारत प्रत्यर्पित किया गया. माना जा रहा है कि उसके जरिये मैच फिक्सिंग की दुनिया के कई राज खुल सकते हैं.

संजीव चावला (फाइल फोटो)

साल 2000 में क्राइम ब्रांच के एक इंस्पेक्टर ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाड़ी हैंसी क्रोनिए और संजीव चावला के बीच बातचीत की रिकॉर्डिंग सुनी थी. इसके बाद ही मैच फिक्सिंग घोटाले का खुलासा हुआ था. 16 फरवरी और 20 मार्च 2000 को खेले गए भारत-दक्षिण अफ्रीका मैच में फिक्सिंग के आरोप के बाद दिल्ली पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की थी. हैंसी क्रोनिए समेत छह लोगों के खिलाफ 2013 में आरोपपत्र पेश किया गया. इस मामले में हर्शल गिब्स और निकी बोए पर भी फिक्सिंग के आरोप लगे थे, लेकिन पर्याप्त सबूत न मिलने पर उनका नाम आरोपपत्र से हटा दिया गया. आरोपपत्र में हैंसी क्रोनिए और संजीव चावला के अलावा टी सीरीज के मालिक के भाई किशन कुमार को भी आरोपित बनाया गया था.

शुरुआती दौर में दक्षिण अफ्रीकी कप्तान हैंसी क्रोनिए ने आरोपों को खारिज किया था, लेकिन बाद में मान लिया था कि वे मैच फिक्सिंग में शामिल थे. इसके बाद उन्हें टीम से हटा दिया गया. 2002 में उनकी एक विमान दुर्घटना में मौत हो गई थी.