‘गोली मारो और भारत-पाकिस्तान मैच जैसे बयान नहीं होने चाहिए थे.’  

— अमित शाह, गृहमंत्री

अमित शाह का यह बयान दिल्ली चुनाव में भाजपा की करारी हार के बाद आया है. उनका इशारा पार्टी नेताओं अनुराग ठाकुर और कपिल मिश्रा की तरफ था. अनुराग ठाकुर ने एक चुनावी सभा में देश के गद्दारों को गोली मारने के नारे लगवाए थे तो कपिल मिश्रा का कहना था कि आठ फरवरी को वोटिंग के दिन दिल्ली में भारत और पाकिस्तान का मैच होगा. चुनाव आयोग ने इन बयानों के लिए दोनों नेताओं के चुनाव प्रचार करने पर कुछ समय की रोक भी लगाई थी. अमित शाह ने यह भी कहा कि दिल्ली चुनाव को लेकर उनका आकलन गलत साबित हुआ. हालांकि उनका यह भी कहना था कि भाजपा विचारधारा पर आधारित पार्टी है और वह सिर्फ जीत के लिए चुनाव नहीं लड़ती बल्कि चुनाव उसके लिए विचारधारा को आगे बढ़ाने का माध्यम भी होता है.

‘दिल्ली में कानून और व्यवस्था केंद्र के अधीन है.’ 

— राघव चड्ढा, आप विधायक

राघव चड्ढा ने यह बात दिल्ली के शाहीन बाग में चल रहे सीएए विरोधी धरने पर कही. उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी ने पहले से ही इस पर अपना रुख साफ किया हुआ है. शाहीन बाग का धरना दिल्ली चुनावों में प्रमुख मुद्दा रहा था. भाजपा ने इसे देशविरोधी बताते हुए आप पर इसका समर्थन करने का आरोप लगाया था.


‘लश्कर ए-तैयबा की जवाबदेही तय करने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है.’  

— एलिस जी वेल्स, अमेरिका में दक्षिण और मध्य एशिया मामलों की कार्यवाहक सहायक विदेश मंत्री

एलिस जी वेल्स का यह बयान 2008 के मुंबई आतंकवादी हमले के मास्टरमाइंड और कुख्यात आतंकवादी हाफिज सईद को सजा सुनाए जाने पर आया. पाकिस्तान की एक आतंकवाद निरोधक अदालत ने आतंकवाद के लिए धन मुहैया कराने के दो मामलों में हाफिज सईद को साढ़े पांच साल- साढ़े पांच साल कैद की सजा सुनाई है. अमेरिका ने हाफिज सईद पर एक करोड़ डॉलर का ईनाम घोषित कर रखा है.