पुलवामा हमले का एक साल पूरा होने के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने इस हमले में शहीद हुए सीआरपीएफ के 40 जवानों को श्रद्धांजलि दी है. प्रधानमंत्री ने कहा कि देश इन जवानों की शहादत को कभी नहीं भूलेगा. इस बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी के एक बयान पर राजनीतिक हंगामा खड़ा होता दिख रहा है. राहुल गांधी ने एक ट्वीट कर भाजपा पर निशाना साधा है. उन्होंने लिखा है कि पुलवामा हमले में सीआरपीएफ के 40 जवानों की शहादत का एक साल पूरा होने पर यह सवाल करना चाहिए कि इस हमले से सबसे ज्यादा फायदा किसको हुआ. राहुल गांधी ने यह भी पूछा कि हमले की जांच का नतीजा क्या निकला है और इसके लिए भाजपा सरकार में अब तक किसको जिम्मेदार ठहराया गया है.

उधर, भाजपा ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है. पार्टी ने एक बयान में कहा, ‘राहुल गांधी के बारे में सब जानते हैं कि उनकी लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद से सहानुभूति है.’ भाजपा ने यह भी दावा किया कि ऐसे बयान ही अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत के खिलाफ पाकिस्तान की मदद करते हैं.

14 फरवरी 2019 को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए हमले में एक आतंकी ने विस्फोटकों से भरी एक गाड़ी को सीआरपीएफ के काफिले से टकरा दिया था. धमाका इतना ज़ोरदार था कि एक बस के टुकड़े-टुकड़े हो गए थे. यह बस सीआरपीएफ की 54वीं बटालियन की थी. जैश-ए-मोहम्मद ने इस घटना की जिम्मेदारी ली थी. पुलवामा के रहने वाले आतंकवादी आदिल अहमद डार ने इस घटना को अंजाम दिया था. इस घटना के बाद 26 फरवरी को भारतीय वायु सेना ने पाकिस्तान के बालाकोट में स्थित जैश के ट्रेनिंग कैंपों पर हमला किया था. इसमें कई आतंकियों के मारे जाने का दावा किया गया था.