कश्मीर घाटी की ताजा यात्रा के बाद यूरोपीय संघ ने शुक्रवार को कहा कि भारत सरकार ने जम्मू-कश्मीर में सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए सकारात्मक कदम उठाए हैं, लेकिन पाबंदियों को जल्द से जल्द हटाए जाने की जरूरत है.

एनडीटीवी के मुताबिक यूरोपीय संघ की ओर से जारी एक बयान में कहा गया, ‘हाल की यात्रा से इस बात की पुष्टि होती है कि भारत सरकार ने स्थिति को सामान्य बनाने के लिए कई सकारात्मक कदम उठाए गए हैं. लेकिन इंटरनेट एक्सेस और मोबाइल सेवाओं पर अभी भी पाबंदी है...साथ ही कुछ राजीतिक नेता अभी भी हिरासत में हैं.’ यूरोपीय संघ के दूत और विदेश एवं सुरक्षा से जुड़े मामलों के प्रवक्ता वर्जिनी बट्टू हेनरिक्सन ने प्रतिबंधों को जल्द हटाने की मांग भी की है. उन्होंने कहा, ‘हालांकि हम गंभीर सुरक्षा चिंताओं को समझते हैं, लेकिन यह महत्वपूर्ण है कि शेष प्रतिबंधों को जल्द से जल्द हटाया जाए.

बीते अगस्त महीने में जम्मू-कश्मीर को मिले विशेष राज्य का दर्जा खत्म कर दिया गया था. साथ ही उसे दो केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में बांट दिया गया था. जम्मू-कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा वापस लिए जाने के छह महीने बाद केंद्र शासित प्रदेश की स्थिति का आकलन करने के उद्देश्य से 25 विदेशी राजनयिकों का एक प्रतिनिधिमंडल बुधवार को घाटी पहुंचा था. राजनयिकों के इस दौरे का आयोजन केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार की तरफ से किया गया था.