‘यह तथाकथित गांधी परिवार कभी फायदे से आगे की नहीं सोच सकता.’

— संबित पात्रा, भाजपा प्रवक्ता

संबित पात्रा का यह बयान राहुल गांधी के उस ट्वीट पर आया जिसमें उन्होंने कहा था कि पुलवामा हमले से सबसे ज्यादा फायदा किसको हुआ. जम्मू-कश्मीर में सीआरपीएफ पर हुए इस आतंकी हमले को आज एक साल पूरा हो गया. संबित पात्रा ने राहुल गांधी के इस बयान को नीचतापूर्ण बताया.

‘हमें न्यायपालिका पर पूरा विश्वास है.’

— सारा अब्दुल्ला पायलट, उमर अब्दुल्ला की बहन

सारा अब्दुल्ला पायलट की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू-कश्मीर प्रशासन से जवाब मांगा है. सारा ने अपने भाई और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला पर जनसुरक्षा कानून (पीएसए) लगाए जाने को चुनौती दी है. उनका कहना है कि यह न सिर्फ उमर के संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन है बल्कि राजनीतिक विरोधियों को कुचलने की भी साजिश है. मामले में अगली सुनवाई दो मार्च को होगी.


‘क्या सुप्रीम कोर्ट बंद कर दिया जाए?’    

— जस्टिस अरुण मिश्र, सुप्रीम कोर्ट

जस्टिस अरुण मिश्र की यह टिप्पणी समायोजित सकल राजस्व यानी एजीआर मामले में बकाया भुगतान न होने पर टेलीकॉम कंपनियों और सरकार को कड़ी फटकार लगाते हुए आई. टेलीकॉम कंपनियों को 23 जनवरी 2020 तक केंद्र सरकार को बकाये के रूप में एक दशमलव 33 लाख करोड़ रुपये देने थे. जस्टिस अरुण मिश्र ने कहा कि बार-बार कहने के बावजूद यह रकम जमा नहीं हुई जिससे वे हैरान हैं. अदालत ने टेलीकॉम कंपनियों को अवमानना का नोटिस देकर जवाब मांगा है. 17 मार्च को मामले की अगली सुनवाई होगी.