आर्थिक मोर्चे पर सरकार की मुश्किलें जारी हैं. बीते महीने यानी जनवरी में देश का निर्यात 1.66 प्रतिशत घटकर 25.97 अरब डॉलर रहा. खबरों के मुताबिक यह लगातार छठा महीना है जब निर्यात में गिरावट आयी है. इसकी वजह मुख्य रूप से पेट्रोलियम, प्लास्टिक, कालीन, रत्न एवं आभूषण तथा चमड़ा उत्पादों के निर्यात में आई कमी है. इस दौरान आयात भी 0.75 प्रतिशत घटकर 41.14 अरब डॉलर पर आ गया. यह लगातार आठवां महीना है जब आयात गिरा है. इसी तरह जनवरी माह में व्यापार घाटा 15.17 अरब डॉलर रहा जो सात महीने के दौरान इसका उच्चतम स्तर है. चालू वित्त वर्ष में आर्थिक वृद्धि दर पांच प्रतिशत रहने का अनुमान है जो इसका 11 साल का न्यूनतम स्तर है.

अर्थव्यवस्था में मंदी को लेकर विपक्षी दल सरकार पर लगातार हमलावर हैं. मोदी सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार रहे अरविंद सुब्रमण्यम तो यहां तक कह चुके हैं कि अर्थव्यवस्था आईसीयू की तरफ बढ़ रही है. उधर, सरकार ने इसे खारिज किया है. उसका कहना है कि यह मंदी नहीं बल्कि सुस्ती है जिससे उबरने के संकेत दिखने लगे हैं. हाल में सरकार ने अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए कॉरपोरेट टैक्स में कटौती जैसे कई बड़े ऐलान भी किए हैं.