महाराष्ट्र के अमरावती में एक महिला कॉलेज ने छात्राओं को शपथ दिलवाई है कि वे प्रेम विवाह नहीं करेंगी. यह शपथ वैलेंटाइन डे पर दिलाई गई है. कला महाविद्यालय द्वारा छात्राओं को दिलाई गई ऐसी शपथ के बाद विवाद खड़ा हो गया है.

खबरों के मुताबिक, छात्राओं को दिलाई गई शपथ में कहा गया, ‘मैं शपथ लेती हूं कि मुझे अपने माता-पिता पर पूरा भरोसा है. अपने आसपास हो रहे घटनाक्रम को देखते हुए कभी प्यार नहीं करूंगी और न ही प्रेम-विवाह करूंगी.’ इसके अलावा इस शपथ में दहेज का विरोध और स्वस्थ भारत जैसी बातें भी थीं.

छात्राओं को प्रेम विवाह न करने की शपथ दिलाने का मामला सामने आने के बाद कॉलेज प्रशासन ने कहा कि यह शपथ केवल किशोरी छात्राओं के लिए थी क्योंकि वे प्रेम और आकर्षण के बीच फर्क नहीं समझती. व्यस्क छात्राओं से इसका कोई संबंध नहीं है. लड़कियों को इस तरह की शपथ दिलाए जाने पर कई सामाजिक-महिला संगठनों ने एतराज जताया है. भाजपा नेता और महाराष्ट्र की पूर्व मंत्री पंकजा मुंडे ने भी इस तरह की शपथ पर सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसी शपथ सिर्फ लड़कियों को ही क्यों दिलवाई गई. उन्होंने लिखा कि लड़कियों को इस तरह की शपथ दिलवाये जाने के बजाय लड़कों को यह शपथ दिलवाई जानी चाहिए कि वे एकतरफा प्रेम में लड़की पर तेजाब न फेंके.