मध्‍य प्रदेश कांग्रेस में नेताओं के बीच तनातनी अब सार्वजनिक रूप से नजर आने लगी है. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ से जब यह पूछा गया कि किसानों को कर्ज माफी के मुद्दे पर पार्टी के ही नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सड़कों पर उतरने की चेतावनी दी है. इस पर मुख्यमंत्री कमलनाथ ने दो टूक जवाब दिया कि ‘तो उतर जाएं’.

मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव के बाद से ही मुख्यमंत्री कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीच तनातनी चल रही है. सरकार के कामकाज को लेकर ज्योतिरादित्य सिंधिया कभी इशारों में तो कभी खुलकर नाराजगी जताते रहे हैं. ज्योतिरादित्य सिंधिया ने हाल ही में कहा था कि सरकार ने राज्य के किसानों से किए गए कर्जमाफी के वादे को निभाया नहीं है. इसे लेकर उन्होंने चेतावनी दी थी कि वह अपनी ही पार्टी की सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरेंगे. पहले भी कमलनाथ और सिंधिया के बीच गेस्ट टीचर को लेकर इशारों में बयानबाजी हो चुकी है. गेस्ट टीचर्स की मांगों का समर्थन करते हुए सिंधिया ने सड़कों पर उतरने की चेतावनी दी थी. इसके बाद कमलनाथ ने कहा था कि घोषणापत्र के वादे पांच साल में पूरे किए जाते हैं, पांच महीने में नहीं.

दोनों बड़े नेताओं के बीच वाक-युद्ध से पहले कमलनाथ और सिंधिया के समर्थक एक दूसरे के खिलाफ बयानबाजी करते रहे हैं. कुछ महीने पहले ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपने ट्विटर के बॉयो से कांग्रेस के अपने पद हटा दिए थे. जिसके बाद इस चर्चा ने जोर पकड़ा था कि वह कांग्रेस पार्टी छोड़ सकते हैं.