केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि अराजक तत्वों से निपटने में पुलिस संयम बरते. उन्होंने यह बात रविवार को दिल्ली पुलिस 73वें स्थापना दिवस पर कही. भारत के पहले गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल के 1950 के एक भाषण का हवाला देते हुए अमित शाह ने कहा, ‘तमाम उकसावे और गुस्से के बावजूद दिल्ली पुलिस को शांत रहना चाहिए, लेकिन लोगों की रक्षा के लिए उसे शरारती तत्वों से सख्ती से निपटने को भी तैयार रहना चाहिए.’

इस दौरान गृहमंत्री ने दिल्ली पुलिस की जमकर सराहना भी की. अमित शाह ने कहा, ‘जब आप पीछे देखते हैं तो पता चलता है कि दिल्ली पुलिस न सिर्फ़ देश में बल्कि पूरे विश्व में सबसे अच्छे पुलिस बलों में से एक है. गर्व महसूस करना चाहिए कि इसकी नींव सरदार वल्लभ भाई पटेल ने रखी थी.’ गृह मंत्री अमित शाह ने 42 पुलिसकर्मियों को शौर्य पदक, राष्ट्रपति पदक और पुलिस पदक से सम्मानित भी किया.

अमित शाह का यह बयान जामिया मिल्लिया इस्लामिया की लाइब्रेरी में पढ़ाई कर रहे छात्रों पर दिल्ली पुलिस के लाठीचार्ज का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बीच आया है. इसके लिए दिल्ली पुलिस की काफी आलोचना हो रही है. यह वीडियो जामिया कॉर्डिनेशन कमेटी (जेसीसी) ने जारी किया है. इसमें पुलिसकर्मी लाइब्रेरी में मौजूद छात्रों पर डंडे बरसाते नजर आ रहे हैं.

जेसीसी का दावा है कि 15 दिसंबर को जब नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ आंदोलन हुआ तो उस दौरान पुलिस ने जामिया के अंदर पढ़ रहे छात्रों पर लाठियां बरसाईं. जो वीडियो जारी किया गया है उसमें छात्र लाइब्रेरी में पढ़ते नजर आ रहे हैं और उनके हाथों में किताबें भी हैं.