आर्थिक मोर्चे पर मोदी सरकार के लिए बुरी खबरों का दौर जारी है. चर्चित रेटिंग एजेंसी मूडीज इनवेस्टर्स सर्विस ने इस वित्तीय वर्ष के लिए भारत की विकास दर का अनुमान घटा दिया है. मूडीज ने इसे 6.6 फीसदी से घटाकर 5.4 फीसदी कर दिया है. इसके साथ ही उसने अगले वित्तीय वर्ष के लिए भी विकास दर के अनुमान को 6.7 फीसदी से घटाकर 5.8 फीसदी कर दिया है. मूडीज ने इसकी वजह कोरोना वायरस के चलते वैश्विक अर्थव्यवस्था में आई सुस्ती को भी बताया है. उसने इस साल चीन की विकास दर के अनुमान को भी घटाकर 5.2 फीसदी और अगले वित्तीय वर्ष के लिए इसे 2.4 फीसदी कर दिया है. मूडीज ने कहा कि कोरोना वायरस का चीनी अर्थव्यवस्था पर काफी नकारात्मक असर होगा.

कुछ समय पहले अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने भी चालू वित्त वर्ष (2019-20) में भारत की विकास दर के अनुमान में 1.3 फीसदी की कटौती करते हुए इसे 4.8 फीसदी कर दिया था. चीन और कुछ दूसरी बड़ी अर्थव्यवस्थाओं की विकास दर के अनुमान में भी कटौती की गई थी, लेकिन भारत के मामले में यह सबसे ज्यादा थी. आईएमएफ ने वैश्विक विकास दर का अनुमान भी 0.1 फीसदी घटाया था. उसका कहना था कि इसमें 80 फीसदी योगदान भारत की सुस्ती का है. आईएमएफ के मुताबिक अगले वित्त वर्ष (2020-21) में भारत की विकास दर 5.8 फीसदी रह सकती है. इसके पहले विश्व बैंक और भारत सरकार के केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय ने वित्त वर्ष 2019-20 में विकास दर के पांच फीसदी रहने का अनुमान लगाया था.