‘अगर कोई मरने के लिए आ ही रहा है तो वो जिंदा कहां से हो जाएगा.’

— योगी आदित्यनाथ, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री

योगी आदित्यनाथ का यह बयान नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में हुए प्रदर्शन के दौरान मारे गए लोगों पर आया. बीते दिसंबर में इन प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा में 20 से ज्यादा लोग मारे गए थे. योगी आदित्यनाथ ने राज्य विधानसभा में कहा कि पुलिस की गोली से कोई नहीं मारा गया और मरने वाले सभी लोग दंगाइयों की गोली से मारे गए हैं. उनका यह भी कहना था कि यदि कोई लोगों को निशाना बनाने के इरादे से सड़क पर उतरता है तो या तो वह मरता है या फिर पुलिसकर्मी मरता है.

‘मुझे इसको लेकर चिंता है.’  

— एंटोनियो गुटेरेश, संयुक्त राष्ट्र प्रमुख

पाकिस्तान के चार दिवसीय दौरे पर आए संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंटोनियो गुटेरेश ने यह बात नागरिकता संशोधन कानून को लेकर कही है. उन्होंने कहा कि भारतीय संसद में पास किए गए इस कानून की वजह से 20 लाख लोगों के देशविहीन होने का खतरा है जिनमें से ज्यादातर मुसलमान हैं. इससे पहले संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने जम्मू-कश्मीर को लेकर चिंता जताई थी. इस पर भारत ने कहा था कि जिस मुद्दे पर ध्यान देने की सबसे अधिक जरूरत है, वह है पाकिस्तान के राज्य के एक हिस्से पर अवैध कब्जे का मामला.


‘केंद्र सरकार की बदले की राजनीति निंदनीय है. मैंने इसकी वजह से अपनी आंखों के सामने तीन मौतें देखी हैं. कानून को अपना काम करना चाहिए, लेकिन दिनों दिन अपमान लोगों को खत्म कर रहा है.’  

— ममता बनर्जी, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री

ममता बनर्जी ने यह फिल्म बंगाली फिल्मों के जाने-माने अभिनेता और तृणमूल कांग्रेस के पूर्व सांसद तापस पॉल के निधन पर कही. तापस पॉल का मंगलवार को मुंबई में दिल का दौरा पड़ने की वजह से निधन हो गया था. वे 61 साल के थे. उनके एक चिटफंड मामले से जुड़े होने की जांच चल रही थी. इस मामले में पश्चिम बंगाल में सत्तारुढ़ दल टीएमसी के कई और नेता भी आरोपित हैं.