सुप्रीम कोर्ट ने उपहार मामले में सुशील अंसल और गोपाल अंसल को राहत दी है. उसने वह याचिका खारिज कर दी है जिसमें 1997 के इस मामले को दोबारा खोलने की मांग की गई थी. यह याचिका इस हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों ने दायर की थी. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि याचिका में दी गई दलीलों में दम नहीं है.

1997 में दिल्ली के उपहार थियेटर में एक फिल्म की स्क्रीनिंग के दौरान आग लग गई थी जिसमें 59 लोग मारे गए थे. इस मामले में थियेटर के मालिक अंसल बंधुओं पर लापरवाही का आरोप लगा. वे जेल भी गए. 2015 में अदालत ने उन्हें जेल से रिहा कर दिया था. यह रिहाई सशर्त थी जिसके एवज में दोनों को 60 करोड़ रु देने थे. इसके दो साल बाद सुप्रीम कोर्ट ने 78 साल के सुशील अंसल को जेल की सजा सुनाई जो वे पहले ही भुगत चुके थे. इसके बाद अदालत ने उन्हें यह कहकर राहत दे दी कि वे उम्र संबंधी दिक्कतों का सामना कर रहे हैं.

इस हादसे में अपने दो बच्चों को खोने वालीं नीलम कृष्णमूर्ति ने अदालत के फैसले पर निराशा जताई है. उनका कहना था, ‘आम लोगों के लिए कोई न्याय नहीं है. हमने भरोसा किया और ये हमारी गलती थी. न्याय सिर्फ अमीरों के लिए है.’