‘वरिष्ठ कांग्रेसी यह सोचकर डरते हैं कि बिल्ली के गले में घंटी कौन बांधे.’

— संदीप दीक्षित

दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय शीला दीक्षित के बेटे संदीप दीक्षित ने यह बात इशारों में आलाकमान और वरिष्ठ नेताओं पर निशाना साधते हुए कही है. उन्होंने कहा कि इतने महीनों के बाद भी कांग्रेस के नेता नया अध्यक्ष नहीं चुन सके हैं. उधर, कांग्रेस के ही एक और वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने भी संदीप दीक्षित के इस बयान का समर्थन करते हुए पार्टी अध्यक्ष के चुनाव की मांग की है.

 ‘आम लोगों के लिए कोई न्याय नहीं है.’

— नीलम कृष्णमूर्ति, उपहार हादसे की पीड़िता

1997 के उपहार हादसे में अपने दो बच्चों को खोने वालीं नीलम कृष्णमूर्ति ने यह बात अपने जैसे बाकी पीड़ितों की एक याचिका सुप्रीम कोर्ट से खारिज होने के बाद कही. इस याचिका में इस मामले को दोबारा खोलने की मांग की गई थी. 1997 में दिल्ली के उपहार थियेटर में एक फिल्म की स्कीनिंग के दौरान आग लग गई थी. इस हादसे में 59 लोग मारे गए थे. इस मामले में थियेटर के मालिक अंसल बंधुओं पर लापरवाही का आरोप लगा था. वे जेल भी गए थे. 2015 में अदालत ने उन्हें रिहा कर दिया था. ये रिहाई सशर्त थी जिसके एवज में दोनों को 60 करोड़ रु का भुगतान करना था.


‘भारत को कोई ऐसा कदम नहीं उठाना चाहिए जो सीमा से जुड़े मुद्दे को और जटिल बनाए.’ 

— गेंगु शुआंग, चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता

चीनी विदेश मंत्रालय की यह प्रतिक्रिया गृहमंत्री अमित शाह के अरुणाचल प्रदेश दौरे पर आई. चीन ने इसे अपनी संप्रभुता का उल्लंघन करार दिया है. वह अरुणाचल प्रदेश को दक्षिण तिब्बत का हिस्सा मानता है और इसलिए भारतीय राजनेताओं के वहां जाने पर एतराज करता है. हालांकि भारत इसे खारिज करता रहा है.