सीएए के विरोध में दिल्ली के शाहीन बाग में धरने पर जमे प्रदर्शनकारियों के साथ सुप्रीम कोर्ट के वार्ताकारों की बातचीत का दूसरे दिन भी कोई नतीजा नहीं निकला. यह खबर आज कई अखबारों के पहले पन्ने पर है. सुप्रीम कोर्ट ने इन्हें धरना किसी दूसरी जगह ले जाने के लिए प्रदर्शनकारियों को मनाने का जिम्मा सौंपा है. इसके अलावा कांग्रेस में नेतृत्व के मुद्दे पर मची घमासान को भी कुछ अखबारों ने प्रमुखता से जगह दी है. कल पार्टी नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री शशि थरूर ने कहा कि नेतृत्व कौन करे, यह चुनावों से तय होना चाहिए.

राजस्थान में दो दलित युवकों से बर्बरता

राजस्थान में दो दलित युवकों के साथ बर्बरता का बड़ा मामला सामने आया है. हिंदुस्तान के मुताबिक घटना नागौर जिले की है. यहां चोरी के आरोप में दो दलित युवकों के साथ बर्बर ढंग से मारपीट की गई. आरोपितों ने एक युवक के गुप्तांग में पेट्रोल भी डाल दिया. घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है. इस मामले में पुलिस ने सात लोगों को गिरफ्तार किया है. उधर, राज्य में सत्ताधारी कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने इस घटना को वीभत्स और भयावह बताया है. उन्होंने राज्य सरकार से इस पर तुरंत कार्रवाई करने की मांग की है.

बेटियों को हक देने के लिए सेना तैयार: जनरल नरवाने

सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवाने ने कहा है कि सेना लैंगिक समानता लाने के लिए प्रयासरत है. दैनिक जागरण के मुताबिक उनका यह भी कहना है कि महिला अफसरों को स्थायी कमीशन प्रदान करने का सुप्रीम कोर्ट का आदेश इस दिशा में स्पष्टता प्रदान करेगा. सेना प्रमुख ने कहा, ‘सेना ने हर स्तर पर महिलाओं की भर्ती की पहल की है. सैन्य पुलिस केंद्र और स्कूल कोर में 100 महिला सैन्यकर्मियों के पहले बैच को प्रशिक्षण दिया जा रहा है. महिला अफसरों से पूछा जा रहा है कि क्या वे स्थायी कमीशन को तरजीह देना चाहेंगी.’ सुप्रीम कोर्ट के हालिया आदेश के बाद महिलाएं अब कर्नल और उससे ऊपर के पदों पर तैनात हो सकेंगी.

राम मंदिर निर्माण का 70 फीसदी काम पूरा

श्रीराम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास ने कहा है कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए जो पत्थर रखे गए हैं, उन्हीं से मंदिर का निर्माण होगा. दैनिक भास्कर के मुताबिक उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत पड़ी तो और पत्थर मंगाए जाएंगे. नृत्यगोपाल दास के मुताबिक मंदिर का 70 फीसदी काम हो चुका है. उन्होंने बताया कि मंदिर का निर्माण सिर्फ चंदे से होगा और छह माह में निर्माण कार्य शुरू कर इसे दो साल में पूरा करने की कोशिश की जाएगी. ट्रस्ट की अगली बैठक 3, 4 मार्च को अयोध्या में संभावित है और बताया जा रहा है कि इसी में मंदिर मॉडल पर चर्चा होगी.