सुप्रीम कोर्ट की ओर से नियुक्त वातार्कारों ने लगातार तीसरे दिन शाहीन बाग की प्रदर्शनकारियों से मिलकर उनसे बातचीत की. शुक्रवार को वार्ताकार भीड़ के बीच में जाकर उन्हें समझाने की कोशिश करते दिखे कि सड़क जाम करने से आम लोगों को काफी परेशानी हो रही है. लेकिन तीसरे दिन भी बातचीत बेनतीजा रही और प्रदर्शनकारी महिलाएं हटने को तैयार नहीं हुईं.

वार्ताकार साधना रामचंद्रन ने प्रदर्शनकारियों से सड़क से हटकर कहीं और प्रदर्शन करने का विकल्प तलाशने को कहा. उनका सुझाव था कि अगर महिलायें कहीं और प्रदर्शन करें तो इससे आम लोगों का जन-जीवन प्रभावित नहीं होगा. इस पर एक महिला प्रदर्शनकारी ने कहा, ‘जब आसपास की कई सड़कें खुली हैं, तो वे हमें इस सड़क से जाने के लिए क्यों प्रेरित कर रहे हैं. यह दिल्ली-नोएडा को जोड़ने वाली एकमात्र सड़क नहीं है.’

इस पर वार्ताकार संजय हेगड़े ने कहा, ‘आपको अपनी बात रखने का हक है, आप बोलिए, आप जो कुछ भी कहना चाहते हैं उसे खुलकर कहिए. हमें सभी पक्षों से बातचीत करके एक अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचना चाहिए.’ वकील साधना रामचंद्रन ने आंदोलकारियों को समझाया कि बातचीत से इस समस्या का हल निकालने में ही भलाई है. अगर बात नहीं बनी तो मामला फिर सुप्रीम कोर्ट में जाएगा. तब सरकार जो चाहेगी, करेगी.

दिल्ली के शाहीन बाग में दो महीने से ज्यादा समय से सीएए को लेकर प्रदर्शन की वजह से मुख्य सड़क बंद है, जिसको खुलवाने की कोशिश जारी है. सड़क बंद होने की वजह से आम लोगों को परेशानियों का सामना भी करना पड़ रहा है. इसी वजह से सुप्रीम कोर्ट ने प्रदर्शकारियों से बातचीत के लिए वकील संजय हेगड़े और साधना रामचंद्रन को वातार्कार नियुक्त किया है.