शाहीन बाग मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त वार्ताकारों में से एक वजाहत हबीबुल्लाह ने सड़क बंद करने पर सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर किया है. हबीबुल्ला ने शाहीन बाग में विरोध स्थल का दौरा करने के बाद ये हलफनामा दायर किया है. पूर्व मुख्य सूचना आयुक्त और राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष रह चुके वजाहत हबीबुल्लाह ने कोर्ट से कहा है, ‘यह विरोध शांतिपूर्ण है. पुलिस ने शाहीन बाग के आसपास के पांच स्थानों पर नाकेबंदी की है. अगर इन अवरोधों को हटा दिया जाता है तो यातायात सामान्य हो जाएगा.’ उन्होंने आगे कहा है, ‘पुलिस ने अनावश्यक रूप से सड़कों को अवरुद्ध किया हुआ है जिससे लोगों को समस्या हो रही है. पुलिस द्वारा जांच के बाद स्कूल वैन और एम्बुलेंस को सड़कों से गुजरने की अनुमति दी गयी है.’

वजाहत हबीबुल्ला का यह भी कहना है कि नागरिकता संशोधन कानून (सीएए), राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) और राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) के बारे में सरकार को प्रदर्शनकारियों से बात करनी चाहिए.

दिल्ली के शाहीन बाग में दो महीने से ज्यादा समय से सीएए को लेकर प्रदर्शन की वजह से मुख्य सड़क बंद है, जिसको खुलवाने की कोशिश जारी है. सड़क बंद होने की वजह से आम लोगों को परेशानियों का सामना भी करना पड़ रहा है. इसी वजह से सुप्रीम कोर्ट ने प्रदर्शकारियों से बातचीत के लिए वजाहत हबीबुल्लाह, वकील संजय हेगड़े और साधना रामचंद्रन को वातार्कार नियुक्त किया है. ये लोग प्रदर्शनकारियों से बातचीत करके शाहीन बाग में रास्ता खुलवाने का प्रयास कर रहे हैं. हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक संजय हेगड़े और साधना रामचंद्रन अपनी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को सोमवार को दे सकते हैं.