डोनाल्ड ट्रंप का भारत दौरा आज सभी अखबारों के पहले पन्ने पर है. अमेरिकी राष्ट्रपति कल अहमदाबाद पहुंचे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनकी अगवानी की. इसके बाद दोनों नेता साबरमती आश्रम गए और फिर अमेरिकी राष्ट्रपति के सम्मान में मोटेरा स्टेडियम में एक भव्य समारोह आयोजित हुआ. शाम को डोनाल्ड ट्रंप ताजमहल देखने आगरा पहुंचे. अब सबकी नजरें दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल के बीच आज होने वाली बैठक पर हैं. इसके अलावा दिल्ली के कई इलाकों में सीएए को लेकर हुई हिंसा भी अखबारों के पहले पन्ने की खबर है. इस हिंसा में एक पुलिसकर्मी सहित चार लोगों की जान चली गई.

सार्वजनिक स्थल पर अपमान हुआ हो, तभी एससी-एसटी एक्ट लागू होगा : इलाहाबाद हाई कोर्ट

एक अहम फैसले में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा है कि एससी-एसटी एक्ट के तहत कोई मामला तभी बनता है, जब अपमान सार्वजनिक स्थल पर किया गया हो, जिसे लोगों ने देखा हो. दैनिक जागरण के मुताबिक अदालत ने कहा कि बंद कमरे में हुई घटना में एससी-एसटी एक्ट की धारा प्रभावी नहीं होती क्योंकि बंद कमरे में हुई बात कोई बाहरी नहीं सुन पाता. खनन विभाग के एक अधिकारी से जुड़े इस मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के भी एक फैसले की याद दिलाई जिसमें कहा गया है कि यदि घटना सार्वजनिक पर नहीं हुई है तो एक्ट के तहत अपराध नहीं बनता. इसे आधार बनाकर अदालत ने आरोपित के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट की धारा को रद्द कर दिया.

मध्य प्रदेश : चार साल की बच्ची के बलात्कार और हत्या के मामले में दोषी को फांसी

मध्य प्रदेश में चार साल की बच्ची से बलात्कार और फिर उसकी हत्या के मामले में दोषी को मौत की सजा सुनाई गई है. दैनिक भास्कर के मुताबिक यह इंदौर का मामला है. दिसंबर 2019 में हुई इस घटना का आरोपित 29 साल का अंकित विजयवर्गीय है. सजा सुनाते हुए अदालत ने कहा कि ऐसी अमानवीय हरकत करने वाले लोग सभ्य समाज में रहने लायक नहीं हैं. बीते महीने ही पुलिस ने इस मामले में आरोपपत्र दायर किया था.

पीएफ पर ब्याज में कटौती हो सकती है

छोटी बचत योजनाओं पर मिलने वाले ब्याज दरों में कटौती हो सकती है. सूत्रों के हवाले से हिंदुस्तान ने यह खबर दी है. अखबार के मुताबिक पीएफ पर मिलने वाली ब्याज दरों में 0.10 से 0.15 फीसदी के बीच कटौती संभव है. अभी पीएफ पर 8.65 फीसदी ब्याज मिलता है. ईपीएफओ के सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज (सीबीटी) ने ब्याज दरों की समीक्षा और कर्मचारियों से जुड़े अन्य मुद्दों पर पाचं मार्च को एक बैठक बुलाई है. जानकारों के मुताबिक मौजूदा आर्थिक हालात को देखते हुए सरकार के लिए मौजूदा दरों को बरकरार रखना बेहद मुश्किल होगा और इनमें कटौती के आलावा दूसरा विकल्प नहीं होगा.