देश की राजधानी के कई इलाकों में हिंसा के बीच दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा है कि पुलिस को उसके आदेशों का इंतजार करने की जरूरत नहीं है और उसे खुद कार्रवाई करनी चाहिए. अदालत ने यह टिप्पणी एक याचिका पर सुनवाई के दौरान की. इस याचिका में कपिल मिश्रा, अनुराग ठाकुर और प्रवेश वर्मा जैसे भाजपा नेताओं पर उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हिंसा भड़काने का आरोप लगाया गया है और उन पर कार्रवाई की मांग की गई है. हाई कोर्ट ने इस पर 12.30 बजे तक दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा है.

दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में हिंसा में मरने वालों का आंकड़ा 20 तक पहुंच गया है. कई पुलिसकर्मियों सहित करीब 200 लोग घायल हैं. कई इलाकों में कर्फ्यू लगा दिया गया है और दंगाइयों को देखते ही गोली मारने के आदेश हैं. गृह मंत्री अमित शाह के साथ बैठक के बाद राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने हिंसाग्रस्त इलाकों का दौरा किया है. इस दौरान दिल्ली पुलिस कमिश्नर अमूल्य पटनायक भी उनके साथ थे.

इस बीच, दिल्ली में हो रही हिंसा के विरोध में जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय के कई छात्रों ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के घर के बाहर प्रदर्शन किया. ये लोग शांति बहाली और हिंसा के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे. प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने पानी की बौछार का इस्तेमाल किया.