अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता संबंधी मुद्दों पर बने एक अमेरिकी आयोग (यूएससीआईआरएफ) ने दिल्ली में हुई हिंसा पर चिंता जताई है. संस्था ने कहा है कि भारत सरकार को सभी नागरिकों की सुरक्षा के लिए फौरन कदम उठाने चाहिए. यूएससीआईआरएफ की आयुक्त अरुणिमा भार्गव का कहना था, ‘इसके बजाय लगातार ऐसी खबरें आ रही हैं कि मुस्लिम समुदाय पर हो रहे हमलों को रोकने के लिए पुलिस ने दखल नहीं दिया.’ उन्होंने यह भी कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकारों का साफ उल्लंघन है.

उधर, भारत ने इस बयान पर प्रतिक्रिया दी है. विदेश मंत्रालय ने कहा कि अमेरिकी आयोग का यह बयान तथ्यात्मक रूप से गलत और भ्रम पैदा करने वाला है. अपने बयान में मंत्रालय ने यह भी कहा है कि ऐसा लगता है कि आयोग, मीडिया का एक हिस्सा और कुछ लोग मामले का राजनीतिकरण करना चाहते हैं. उसका यह भी कहना था कि कानून का पालन सुनिश्चित करवाने वाली एजेंसियां अपना काम कर रही हैं और कोशिश हो रही है कि सामान्य हालात बहाल हो जाएं. मंत्रालय ने ऐसे हालात में गैरजिम्मेदार बयानों से बचने की सलाह दी है.

दिल्ली के उत्तर पूर्वी इलाके में बीते चार दिन से हो रही हिंसा में मरने वालों का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है. अब तक 34 लोगों के इस हिंसा में मरने की खबर है जबकि 200 से ज्यादा लोग घायल हैं.