दिल्ली में हुई हिंसा को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की अगुवाई में पार्टी नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल आज राष्ट्रपति से मिला. इस प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति को एक ज्ञापन सौंपा. इसमें गृह मंत्री अमित शाह को पद से हटाने की मांग की गई है. कांग्रेस का आरोप है कि उन्होंने देश की राजधानी में हुई हिंसा के दौरान अपने कर्तव्यों का पालन नहीं किया. पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के मुताबिक प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति से आग्रह किया कि वे राजधर्म की रक्षा के लिए अपनी शक्तियों का प्रयोग करें.

दिल्ली के उत्तर-पूर्वी इलाकों में हुई हिंसा में मरने वालों का आंकड़ा 34 पहुंच चुका है. कांग्रेस का कहना है कि केंद्र और दिल्ली सरकार हालात को संभालने की कोशिशें करने के बजाय मूकदर्शक बनी रहीं. पार्टी के मुताबिक इसके चलते ही दिल्ली होई कोर्ट को स्थिति में दखल देना पड़ा और उसने गृह मंत्रालय और पुलिस को उसका कर्तव्य याद दिलाया. ज्ञापन में कहा गया, ‘यह केंद्र सरकार, गृह मंत्रालय और खुद गृह मंत्री के लिए एक शर्मनाक बात है.’

इससे पहले कल भी सोनिया गांधी एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करके दिल्ली में हुई हिंसा के लिए केंद्र सरकार की आलोचना की थी. उनका कहना था इस हिंसा के लिए भाजपा ने हालिया विधानसभा चुनाव के दौरान ही माहौल तैयार कर दिया था. उधर, इस पर केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर का कहना था कि कांग्रेस गंदी राजनीति कर रही है.