दिल्ली हिंसा की आग अभी थमी नहीं है, लेकिन इसको लेकर सियासी बयानबाजी शुरु हो गई है. गुरुवार कांग्रेस ने राष्ट्रपति से मिलकर गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधा. वहीं, भाजपा नेता प्रकाश जावड़ेकर ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि लोगों को काफी दिनों से भड़काया जा रहा था,जिसके कारण हिंसा हुई.

केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि दिल्ली की हिंसा दो दिन की हिंसा नहीं है, यह दो महीने से लोगों को लगातार उकसाये जाने का नतीजा है. उन्होंने कहा, ‘सीएए पास होने के बाद रामलीला मैदान में सोनिया जी की रैली हुई, जिसमें उन्होंने कहा था कि ये आर या पार की लड़ाई है. उकसाने का काम वहीं से शुरू हुआ.’ प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि 1984 में राजीव गांधी ने कहा था एक पेड़ हिलता है तो कई पत्ते गिरते हैं, वहीं कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने इस बार लोगों को उकसाने वाली बात कही. जावेड़कर ने आप पार्षद ताहिर और विधायक अमानतुल्लाह पर भी भड़काऊ बयानबाजी के आरोप लगाए. प्रकाश जावेड़कर ने कहा कि आप विधायक अमानतुल्लाह खान ने कहा था कि सीएए आने से लोगों का टोपी पहनना मना हो जाएगा. उन्होंने आगे कहा कि शाहीन बाग में जिन्ना वाली आजादी नारे लगाना और 100 करोड़ पर 15 करोड़ भारी पड़ेगे वाले बयान दिल्ली हिंसा के लिए जिम्मेदार हैं.

बीजेपी नेताओं के भड़काऊ बयानों को लेकर पूछे गए सवाल पर प्रकाश जावेड़कर ने कहा कि गृहमंत्री अमित शाह ने कहा था कि देश जितना उनका है उतना ही मुसलमानों का भी है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा था कि भारत के मुसलमान मेरे भाई है उन पर कोई आंच नहीं आने देंगे. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह भाजपा नेताओं के अधिकारिक बयान हैं, अगर किसी और नेता ने गलत बयान दिया है तो कानून कार्रवाई करेगा.