सीरियाई सेना के एक हवाई हमले में तुर्की के 33 सैनिक मारे गए हैं. ब्रिटेन स्थित सीरियन ऑब्ज़र्वेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स के हवाले से आ रही खबरों के मुताबिक यह हमला गुरुवार शाम उत्तर-पश्चिमी सीरिया के इदलिब शहर में हुआ है. इसके बाद तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोआन ने एक उच्च स्तरीय सुरक्षा बैठक बुलाई जिसके बाद तुर्की जवाबी कार्रवाई कर रहा है.

सीरिया का इदलिब शहर फिलहाल विद्रोहियों के कब्जे में है. माना जाता है कि इन विद्रोहियों को तुर्की की सेना का समर्थन मिला हुआ है. उधर, रूस के समर्थन वाली सीरियाई सेना इदलिब को छुड़ाना चाहती है. उधर, रजब तैय्यब एर्दोआन चाहते हैं कि सीरियाई सरकार अपनी सेना को उन जगहों से वापस बुलाए जहां तुर्की ने निगरानी के लिए अपने सैन्य ठिकाने बनाए हैं. ये ठिकाने 2028 में हुए एक युद्धविराम समझौते के बाद बनाे गए थे.

लेकिन सीरियाई सरकार और रूस ने 2018 में हुए युद्धविराम समझौते को मानने से इनकार कर दिया है. रूस का आरोप है कि विद्रोहियों की मदद करके तुर्की ने भी समझौते का उल्लंघन किया है. इदलिब में बीते दिसंबर से लगातार लड़ाई चल रही है. इसके कारण यहां से लाखों की संख्या में लोग पलायन कर रहे हैं. उधर, संयुक्त राष्ट्र और नाटो ने सभी पक्षों से तनाव कम करने की अपील की है.