दिल्ली में हुई हिंसा को लेकर शिवसेना ने भाजपा और केंद्र की मोदी सरकार पर निशाना साधा है. अपने मुखपत्र सामना में एक लेख में उसने कहा है कि जब दिल्ली जल रही थी तो गृहमंत्री अमित शाह कहां थे. शिवसेना के मुताबिक जब दिल्ली में लोग मारे जा रहे थे तो केंद्र का आधा मंत्रिमंडल अहमदाबाद में ‘नमस्ते, नमस्ते साहब’ कहने के लिए गया था. सामना के लेख में कहा गया है, ‘देश को मजबूत गृह मंत्री मिला है लेकिन वे दिखे नहीं. विपक्ष सवाल उठाएगा तो क्या उसे देशद्रोही ठहराया जाएगा?

शिवसेना के मुताबिक अब एनएसए अजीत डोभाल सड़कों पर लोगों से मिलते दिख रहे हैं, लेकिन सवाल यह है कि गृह मंत्री कब दिखेंगे. सामना के लेख में कहा गया है, ‘अमित शाह दिल्ली चुनाव में तो पर्चे बांटते दिखे थे.’ पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा और कहा कि तीन दिन बाद उन्होंने शांति रखने का आह्वान किया.

शिवसेना ने भड़काऊ भाषण देने वाले नेताओं पर भी हमला किया है. उसका कहना है कि ऐसे भाषण राजनीति में निवेश बन गए हैं. पार्टी के मुताबिक अर्थव्यवस्था धाराशायी है लेकिन भड़काऊ भाषणों का बाजार गर्म है.

उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुई हिंसा में मरने वालों की तादाद लगातार बढ़ रही है. अब तक 39 लोगों की मौत हो चुकी है और 200 से ज़्यादा घायल हैं. 100 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है. उधर, गृहमंत्री अमित शाह ने लोगों से शांति की अपील की है और कहा है कि वे अफवाहों पर भरोसा न करें.