देश की अर्थव्यवस्था की रफ्तार पिछली तिमाही के मुकाबले थोड़ा तेज होती दिख रही है. शुक्रवार को सामने आए 2019-20 की तीसरी तिमाही के आंकड़ों के मुताबिक जीडीपी की दर 4.7 फीसदी रही है. जबिक, दूसरी तिमाही में आर्थिक वृद्धि दर 4.5 प्रतिशत रही थी. कई वित्तीय एजेंसियों ने मौजूदा वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में विकास दर घटकर 4% रहने का अनुमान जताया था.
मौजूदा वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही यानी जुलाई-सितंबर तिमाही में जीडीपी ग्रोथ रेट गिरकर 4.5 प्रतिशत पर आ गई थी. पिछले साढ़े 6 साल में यह भारतीय अर्थव्यवस्था की सबसे धीमी विकास दर थी. एक साल पहले यह 7 प्रतिशत थी, जबकि इसकी पिछली तिमाही में यह 5 प्रतिशत थी. लेकिन, सरकार द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, देश की आर्थिक वृद्धि दर चालू वित्त वर्ष की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में 4.7 प्रतिशत रही. जबकि, एक साल पहले इसी तिमाही में वृद्धि दर 5.6 प्रतिशत थी.
आर्थिक जानकारों के मुताबिक, आर्थिक वृद्धि में हल्की सी तेजी अच्छा संकेत है,लेकिन अभी यह नहीं कहा जा सकता कि अर्थव्यवस्था की सुस्ती पूरी तरह से दूर हो गई है.
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