निर्भया कांड के दो दोषियों अक्षय और पवन ने दिल्ली की एक अदालत से अपनी फा्ंसी पर रोक लगाने की मांग की है. निर्भया मामले में चार दोषियों को फांसी की सजा सुनाई गई है और अदालत ने इनके खिलाफ तीन मार्च का डेथ वारंट जारी कर रखा है.

निर्भया कांड के एक आरोपी अक्षय कुमार ने अपनी याचिका में कहा है कि उसने राष्ट्रपति के सामने नई दया याचिका दायर की है क्योंकि पुरानी याचिका में सभी तथ्य शामिल नहीं थे. याचिका में मांग की गई है कि दया याचिका के निपटारे तक फांसी पर रोक लगाई जाई. वहीं, इस मामले के एक और आरोपी पवन गुप्ता ने अपनी याचिका में कहा है कि उसकी भी क्यूरेटिव याचिका सुप्रीम कोर्ट में लंबित है. इस याचिका में उसने फांसी की सजा को उम्रकैद में बदलने की मांग की है. इसके बाद अदालत ने इस बारे में तिहाड़ जेल को नोटिस जारी जानकारी मांगी है.

निर्भया मामले में चार दोषियों को फांसी की सजा सुनाई गई है. दोषियों की फांसी के लिए जारी डेथ वारंट इससे पहले रद्द किए जा चुके हैं क्योंकि दोषियों का तर्क था कि अभी उनके कानून विकल्प बाकी है. कानून के जानकारों के मुताबिक, इन नई याचिकाओं के कारण इस मामले में डेथ वारंट को अदालत एक बार फिर रद्द कर सकती है.

दक्षिणी दिल्ली में 16 दिसंबर 2012 की रात छह लोगों ने चलती बस में निर्भया के साथ सामूहिक दुष्कर्म कर उसे सड़क पर फेंक दिया था. निर्भया की बाद में सिंगापुर के अस्पताल में मौत हो गई थी.