बिहार के मुख्‍यमंत्री और जेडीयू अध्यक्ष नीतीश कुमार ने कहा है कि उनकी पार्टी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के नेतृत्व में अगला विधानसभा चुनाव लड़ेगी. उन्होंने दावा किया कि इस चुनाव में बिहार की कुल 243 सीटों में से एनडीए के खाते में 200 से अधिक सीटें आएंगी.

रविवार को नीतीश कुमार ने अपने 69वें जन्मदिन पर पटना के गांधी मैदान में जेडीयू कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा, ‘हम आगामी बिहार विधानसभा चुनाव एनडीए के साथ मिलकर लड़ेंगे और 200 से ज्‍यादा सीटों पर जीत दर्ज करेंगे. एनडीए के शासन में राज्य कानून व्यवस्था बेहतर हुई है और देश में आबादी के हिसाब से अपराध का अनुपात बिहार में कम हुआ है.’

अपने संबोधन के दौरान जेडीयू अध्यक्ष ने विपक्ष पर भी हमला बोला. उन्होंने कहा, ‘आरजेडी और कांग्रेस ने अल्पसंख्यकों के वोट मांगे, लेकिन हमने उनके लिए काम किया. हमने भागलपुर दंगे के दोषियों को न्याय के कटघरे में लाकर पीड़ितों के लिए न्याय सुनिश्चित किया.’

नीतीश कुमार इस दौरान नागरिकता संशोधन कानून (सीएए), राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) और एनआरसी पर भी बोले. उन्होंने कहा कि राज्य विधानसभा ने एनआरसी और एनपीआर के खिलाफ सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित किया है. सीएए पर धैर्य रखा जाना चाहिए और जब तक मामला अदालत में है, विवादों से बचा जाना चाहिए. एनपीआर को लेकर उनका कहना था, ‘जहां तक ​​एनपीआर का सवाल है, यह 2010 के प्रारूप के आधार पर होगा और हमने राज्य विधानसभा में प्रस्ताव भी पारित कर दिया है.’

बीती 25 फरवरी को बिहार विधानसभा ने सर्वसम्मति से एनआरसी के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया था. इस दौरान एनपीआर पर भी संशोधन प्रस्ताव पारित किया गया था, इस प्रस्ताव में एनपीआर को केवल पुराने प्रारूप में ही लागू किये जान की बात कही गयी है. एनपीआर के पुराने यानी 2010 के प्रारूप में किसी व्यक्ति के माता-पिता के जन्म की तारीख, माता-पिता के जन्म का स्थान और व्यक्ति के अंतिम आवासीय पते से संबंधित सवाल शामिल नहीं थे.