‘सूर्यवंशी’ की प्रमोशनल लाइन है - ‘आ रही है पुलिस.’ सबसे पहले तो दिल्ली दंगों में पुलिस का रवैया देखने के तुरंत बाद चर्चा में आई इस लाइन को सुनना ही हास्यास्पद लगता है. साथ ही, इसे देख-सुनकर एक बार फिर वह बात याद आ जाती है कि पुलिस हमेशा वारदात की जगह पर देर से पहुंचती है. ऐसे में यह पूछने का मन भी कर जाता है कि पुलिस आ तो रही है लेकिन क्या इस बार वह वक्त पर आ रही है या हमेशा की तरह देर से? इसके अलावा, जब यह पहुंच जाएगी तो क्या उसी तरह खड़े होकर सिर्फ तमाशा देखेगी जैसे दिल्ली हिंसा के दौरान देखा था या फिर तुरंत उस वक्त के मुताबिक जरूरी कार्रवाई करेगी जिससे कुछ जानों को बचाया जा सके? लगे हाथ यह भी जान लेने की इच्छा होती है कि जान बचाते हुए क्या वह यह भी देखेगी कि कौन किस कौम से आता है? या किस दंगा पीड़ित से राष्ट्रगान गवाना ज़रूरी है ताकि देश के लिए उसकी निष्ठा परखी जा सके?

बेशक, ‘सूर्यवंशी’ के मामले में यह सबकुछ नहीं होगा और जो परदे पर होगा उसमें पुलिस मुजरिमों और देश के असली दुश्मनों से ही लड़ती दिखाई देगी. लेकिन फिर भी इस बहाने, इस बात पर तो चर्चा हो ही सकती है कि परदे पर दिखने वाली पुलिस, असली पुलिस से कितनी अलग है. साथ में यह भी कि परदे वाली पुलिस का असली पुलिस या आम जनता पर कितना और कैसा असर होता है? लेकिन ये सब बातें फिर कभी.

फिलहाल ट्रेलर पर आएं तो यह बताता है कि किसी भी और बॉलीवुड कॉप-मूवी की तरह ‘सूर्यवंशी’ का कथानक भी वही घिसी-पिटी पुरानी कहानी कहता है. इस कहानी में हर बार देश खतरे में पड़ता है और एक जांबाज़ पुलिसवाला उसे बचाने के मिशन पर निकलता है. यहां पर जो बातें ध्यान खींचती हैं, वह फिल्म के धमाकेदार एक्शन की झलकियां हैं. इनमें धड़ाधड़ चलती गोलियां, पल-पल होते धमाके और हवा में तैरती हुई गाड़ियां मुख्य रूप से शामिल है. यानी, यह कहा जा सकता है कि रोहित शेट्टी की यह फिल्म भी उनकी उस ‘लीगेसी’ को आगे बढ़ाने वाली है जिसकी पहचान उड़ती गाड़ियों के अलावा पुलिस का गुंडागर्दी वाला स्टाइल और ताबड़तोड़ हिंसा है.

‘सूर्यवंशी’ के ट्रेलर में जो बात खटक जाती है, वह इसका इस्लामोफोबिक (मुसलमानों के प्रति पूर्वाग्रह या नफरत रखना) रवैया है. यह ठीक है कि फिल्म लश्कर-ए-तैयबा जैसे आतंकी संगठन से देश को खतरा होने की बात पटकथा में शामिल करती है जिसकी वजह खलनायक और उसके पक्ष के लोगों को मुसलमान होना वाजिब लग सकता है. लेकिन फिर भी कुछ दृश्य गुड मुस्लिम – बैड मुस्लिम के नरेटिव से प्रेरित लगते हैं जो खटक जाते हैं. इस तरह के फफूंद लग चुके मसालों की मौजूदगी इस बात की आशंका भी जगाती है कि इस पुलिस-कथा के लेखन में शायद उतनी ही चुस्ती बरती गई है जितनी भारतीय पुलिस में बची हुई है.

अपनी तमाम खूबियों-खामियों के बावजूद जो एक चीज ‘सूर्यवंशी’ को तीन सौ करोड़ क्लब का सदस्य बना सकती है, वह इसकी स्टारकास्ट है. यहां पर खिलाड़ी कुमार के साथ सिंबा और सिंघम भी दिखाई देने वाले है. एक्शन फिल्मों को पसंद करने वाले दर्शक अक्षय कुमार, रणवीर सिंह और अजय देवगन को एक साथ परदे पर देखे जाने का मौका शायद ही चूकना पसंद करेंगे. हालांकि ट्रेलर से यह अंदाजा लग जाता है कि फिल्म के नायक अक्षय कुमार हैं और रणवीर सिंह और अजय देवगन केवल अतिथि भूमिकाओं में नज़र आएंगे लेकिन फिर भी इनका चार्म और फैन-फॉलोइंग ‘सूर्यवंशी’ के लिए फायदेमंद साबित होगा, यह बात पक्के तौर पर कही जा सकती है. इसके अलावा, ‘सूर्यवंशी’ और क्या दिखाएगी, इसका पता तो 24 मार्च को फिल्म रिलीज के साथ ही चलेगा.

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