‘अगर जरूरत पड़ी तो ओलंपिक खेलों का आयोजन आगे बढ़ाकर साल के अंत में किया जा सकता है.’  

— सीको हशीमीतो, जापान के ओलंपिक मंत्री

कोरोना वायरस के बढ़ते खतरे के मद्देनजर सीको हशीमीतो ने यह बात जापान की संसद में कही. हालांकि, इससे पहले अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति के मुखिया थामस बैच ने कहा था कि ओलंपिक खेलों को न तो आगे बढ़ाया जाएगा और न ही इन्हें रद्द किया जाएगा. 2020 के ओलंपिक खेल 24 जुलाई से नौ अगस्त के बीच जापान की राजधानी टोक्यो में होने हैं. एक अनुमान के मुताबिक, जापान ओलंपिक की तैयारी में अब तक 12.6 अरब डॉलर खर्च कर चुका है. अगर कोरोना वायरस के चलते ओलंपिक खेलों का आयोजन रद्द होता है तो जापान को बड़े आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ेगा.

‘भारत की संप्रभुता से जुड़े मुद्दों पर किसी विदेशी पक्ष का कोई अधिकार नहीं बनता.’ 

— रवीश कुमार, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता

रवीश कुमार की यह प्रतिक्रिया संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनएचआरसी) द्वारा संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) पर सुप्रीम कोर्ट में हस्तक्षेप याचिका दायर किए जाने पर आई. इसमें संस्था ने अनुरोध किया है कि शीर्ष अदालत में चल रहे इस मामले में उसे भी एक पक्ष बनाया जाए. ऐसा पहली बार हुआ है जब यूएनएचआरसी ने भारत से जुड़े किसी कानून के खिलाफ उसकी शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाया है. इसे सीएए को लेकर भारत पर दबाव बनाने की कोशिश माना जा रहा है


‘घबराने की जरूरत नहीं है. हमें साथ मिलकर काम करना होगा.’

— नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री का यह बयान भारत में कोरोना वायरस के दो नए मामले सामने आने के बाद आया है. उन्होंने कहा कि इस वायरस के खिलाफ तैयारियों के संबंध में व्यापक समीक्षा की गई है. नरेंद्र मोदी का यह भी कहना था कि राज्य की सरकारें और मंत्रालय इस विषय पर साथ साथ काम कर रहे हैं, ताकि कोरोना वायरस पीड़ितों को सही उपचार उपलब्ध कराया जा सके. कोरोना वायरस से दुनिया भर में तीन हजार से भी ज्यादा जानें जा चुकी हैं.