हरियाणा सरकार के पास मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की नागरिकता से जुड़े दस्तावेज नहीं हैं. खबरों के मुताबिक पानीपत के एक सामाजिक कार्यकर्ता पीपी कपूर ने इस संबंध में जानकारी पाने के लिए सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत एक आवेदन दाखिल किया था. उन्होंने राज्य सरकार के कई कैबिनेट मंत्रियों और राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य की नागरिकता से जुड़े दस्तावेजों की जानकारी भी मांगी थी. इसके जवाब में हरियाणा की जन सूचना अधिकारी पूनम राठी ने कहा कि उनके रिकॉर्ड में इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है. उनका यह भी कहना था कि इन सभी माननीयों के नागरिकता संबंधी दस्तावेज चुनाव आयोग के पास हो सकते हैं.

पिछले साल सितंबर में विधानसभा चुनाव के दौरान मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा था कि वे अवैध प्रवासियों को हरियाणा से निकालने के लिए राज्य में राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) लागू करेंगे. उन्होंने कहा था, ‘हम असम की तरह हरियाणा में भी एनआरसी लागू करेंगे.’ एनआरसी का देश भर में विरोध हो रहा है. हालांकि सरकार का कहना है कि इस संबंध में कैबिनेट में अभी कोई चर्चा नहीं हुई है.