लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने कांग्रेस के सात सांसदों को बजट सत्र के लिए निलंबित कर दिया है. इन सांसदों पर हंगामे और लोकसभा अध्यक्ष पर पेपर फेंकने का आरोप है.

पीठासीन सभापति मीनाक्षी लेखी ने कहा कि कांग्रेस सदस्यों द्वारा अध्यक्षीय पीठ से जबरदस्ती कागज छीने जाने और उछालने का ऐसा दुर्भाग्यपूर्ण आचरण संसदीय इतिहास में शायद पहली बार हुआ है. संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने सात कांग्रेस सदस्यों को निलंबित करने संबंधी प्रस्ताव पेश किया. यह प्रस्ताव सदन ने ध्वनिमत से पारित कर दिया. इसके बाद पीठासीन सभापति ने कहा कि जिन सदस्यों को निलंबित किया गया है वे तुरंत बाहर चले जाएं. जिन कांग्रेस सांसदों को निलंबित किया गया है, उसमें गौरव गोगोई, टीएन प्रतापन, एडवोकेट डीन कुरियाकोस, बेनी बेहनन, मणिक्कम टैगोर, राजमोहन उन्नीथन तथा गुरजीत सिंह औजला शामिल हैं.

कांग्रेस ने अपने सात लोकसभा सदस्यों के निलंबन को बदले की भावना से उठाया गया कदम बताया है. लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि सरकार के इस ‘तानाशाही’ वाले फैसले से पार्टी झुकने वाली नहीं हैं. उन्होंने कहा कि कांग्रेस दिल्ली हिंसा पर तत्काल चर्चा की मांग उठाती रहेगी. विपक्ष के दिल्ली हिंसा पर चर्चा कराने की मांग पर लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने कहा था कि सरकार होली के बाद चर्चा के लिए तैयार है. जिस पर विपक्ष ने तुरंत बहस की मांग करते हुए हंगामा किया था. इस दौरान कुछ सांसदों ने पन्ने फाड़कर स्पीकर की ओर भी फेंके.