महाराष्ट्र की महाविकास अघाड़ी सरकार यानि शिवसेना, कांग्रेस और राकांपा की सरकार ने शुक्रवार को अपना पहला बजट पेश किया. बजट में राज्य के किसानों का दो लाख रुपए तक का कर्ज माफ करने की घोषणा की गई है.

राज्य के वित्त मंत्री और उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने विधानसभा में बजट पेश करते हुए कहा कि महाविकास अघाड़ी सरकार ने 7000 करोड़ रुपये की कर्जमाफी स्कीम 2020-21 के लिए प्रस्तावित की है. उनके मुताबिक इसमें वे किसान भी शामिल होगें जिन्होंने बैंकों से दो लाख रुपए से ज्यादा का कर्ज लिया है. साथ ही ऐसे किसान जो बीते तीन साल से अपना कर्ज नियम से जमा कर रहे हैं, उन्हें 50,000 रुपये देने की भी योजना है.

एक और बड़ा ऐलान करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार नौकरियों में स्थानीय लोगों को 80 फीसदी आरक्षण देने के लिए जल्द कानून बनाएगी. उन्होंने यह जानकारी भी दी कि सरकार ने अगले पांच साल में पांच लाख युवाओं को रोजगार देने का लक्ष्य तय किया है.

बजट पेश करते हुए पवार ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि पिछले साल बारिश के कारण फसल का नुकसान होने के बावजूद केंद्र ने महाराष्ट्र को केवल 956 करोड़ रुपये का ही फंड दिया. उनके मुताबिक केंद्र की मदद का इंतजार करने की जगह राज्य सरकार ने किसानों की मदद के लिए खुद ही कदम उठाए.

उद्धव ठाकरे सरकार ने अपने पहले बजट में राज्य के हर जिले में एक महिला थाना खोलने की बात भी कही है. वित्त मंत्री के मुताबिक इस थाने में केवल महिला पुलिसकर्मी ही कार्यरत होंगी. अजित पवार ने यह भी बताया कि राज्य में एक ट्रांसजेंडर वेलफेयर बोर्ड भी बनाया जाएगा जिसे पांच करोड़ रुपये का फंड दिया जाएगा.