चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं. पटना की एक अदालत ने शनिवार को कंटेंट और आइडिया चोरी के मामले में प्रशांत किशोर को अग्रिम जमानत देने से इन्कार करते हुए सुनवाई की नई तारीख दी है. प्रशांत किशोर पर आरोप है कि अपने अभियान ‘बात बिहार की’ के लिए उन्होंने कंटेंट चोरी किया है.

बिहार के ही शाश्वत गौतम ने प्रशांत किशोर पर कंटेंट और आइडिया चोरी करने का आरोप लगाते हुए पटना के पाटलिपुत्र थाने में केस दर्ज करवाया है. शाश्वत गौतम का आरोप है कि उन्होंने ‘बिहार की बात’ नाम से अपना एक प्रोजेक्ट बनाया था, जिसे वह जल्द ही लॉन्च करने वाले थे. शाश्वत का कहना है कि उनके यहां काम करने वाले एक युवक ने इस्तीफा दे दिया और उसी के जरिये प्रशांत किशोर ने उनका कंटेंट चुरा कर ‘बिहार की बात’ की जगह ‘बात बिहार की’ अभियान लॉन्च कर दिया.

इसके बाद प्रशांत किशोर जमानत के लिए अदालत पहुंचे थे. लेकिन, शनिवार को अदालत ने इस मामले में प्रशांत किशोर को फिलहाल जमानत देने से इन्कार करते हुए सुनवाई की अगली तारीख 12 मार्च को मुकर्रर की है. जदयू से निकाले जाने के बाद प्रशांत किशोर ने ‘बात बिहार की’ अभियान के जरिये राज्य की राजनीति में सक्रिय होने के संकेत दिए थे.