1-खस्ताहाल यस बैंक के ग्राहकों को आश्वस्त करने की कोशिशें जारी हैं. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि खाताधारकों का पैसा सुरक्षित है. उधर, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) का बयान आया है कि वह यस बैंक में 49 फीसदी हिस्सेदारी खरीद सकता है. इस मुद्दे को लेकर बीबीसी पर मुहम्मद शाहिद की रिपोर्ट.

YES BANK में SBI के निवेश से क्या आपको डरना चाहिए?

2-क्या भारत में सांप्रदायिक दंगे हाल की बात हैं जिन्हें 18वीं सदी के अंत में बांटों और राज करो की ब्रितानी नीति ने हवा दी थी? या फिर सांप्रदायिक दुश्मनी 12वीं सदी से ही भारत के इतिहास का हिस्सा रही है, जब तराइन की लड़ाई में मोहम्मद ग़ोरी ने पृथ्वीराज चौहान का सामना किया था? हाल के दिल्ली दंगों ने इस बहस को फिर से खड़ा कर दिया है. द प्रिंट हिंदी पर प्रथमा बनर्जी का लेख.

क्या सांप्रदायिक दंगे भारत के लिए नई बात हैं, दिल्ली की घटना ने नई बहस खड़ी कर दी है

3-इन दिनों सोशल मीडिया पर बहुत ज़ोर-शोर से मुसलमानों के आर्थिक बहिष्कार की मुहिम चलाई जा रही है. वैसे यह कोई नई सूझ नहीं है. हिंदुत्व ब्रिगेड के उत्साही विचारक-प्रचारक न सिर्फ पहले भी यह बात कहते रहे हैं, बल्कि चोरी-छुपे इस पर अमल करने की कोशिश भी करते रहे हैं. लेकिन इस बार जो नया और निर्लज्ज खुलापन इस मुहिम में है, वह बताता है कि हमने एक इंसान के तौर पर अपनी क़द्र अपनी निगाह में ही घटा ली है. एनडीटीवी पर प्रियदर्शन की टिप्पणी.

तो आप उनका आर्थिक बहिष्कार करना चाहते हैं?

4-बीते 28 जनवरी को ही शेफाली वर्मा 16 साल की हुई हैं. भारतीय महिला क्रिकेट टीम की यह सलामी बल्लेबाज इस छोटी-सी उम्र में ही विश्व क्रिकेट के बड़े-बड़े रिकॉर्ड ध्वस्त कर चुकी है. शेफाली की हालिया उपलब्धि यह है कि वे आईसीसी की ट्वेंटी-20 क्रिकेट की महिला बल्लेबाजों की रैंकिंग में पहले पायदान पर पहुंच गई हैं जबकि उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलते हुए छह महीने भी नहीं हुए हैं. महिला-पुरुष क्रिकेट में आईसीसी की बल्लेबाजी रैंकिंग में शीर्ष पर पहुंचने वाली वह सबसे युवा भारतीय बल्लेबाज बन गई हैं. द वायर पर दीपक गोस्वामी का लेख.

शेफाली वर्मा: भारतीय महिला क्रिकेट की नई पहचान

5-एक ही जगह के कितने नक्शे हो सकते हैं? कश्मीर का नक्शा भारत में अलग दिखता है, पाकिस्तान में अलग और चीन में और भी अलग. एशिया में ऐसे कई देश हैं जिनके नक्शे सटीक नहीं हैं. लेकिन क्यों? क्या नक्शों के जरिए सरकारें अपने नागरिकों को बहका रही हैं? डॉयचे वेले की रिपोर्ट.

नक्शों के जरिए प्रोपेगंडा फैला रहे हैं एशिया के देश