मध्य प्रदेश में जारी सियासी उठापटक के बीच मुख्यमंत्री कमलनाथ ने आज राज्यपाल लालजी टंडन से मुलाकात की. उन्होंने राज्यपाल को एक चिट्ठी सौंपी. तीन पन्नों की इस चिट्ठी में आरोप लगाया गया है कि भाजपा, कांग्रेस विधायकों की खरीद-फरोख्त की कोशिश कर रही है और उसने 22 विधायकों को बंधक बनाकर रखा हुआ है. कमलनाथ ने राज्यपाल से विश्वासमत परीक्षण करवाने का अनुरोध भी किया.

मध्य प्रदेश में कमलनाथ सरकार के 22 विधायक इस्तीफा दे चुके हैं. ये ज्योतिरादित्य सिंधिया समर्थक हैं जो कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो चुके हैं. कमलनाथ का आरोप है कि आठ मार्च को भाजपा तीन चार्टर्ड विमानों के जरिये कांग्रेस के 19 विधायकों को बेंगलुरू के एक रिजॉर्ट ले गई थी और तब से उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है.

कमलनाथ ने यह दावा भी किया कि उनकी सरकार को कोई खतरा नहीं है और वे विश्वासमत साबित कर देंगे. विधानसभा का सत्र 15 मार्च को बुलाया गया है. 230 सदस्यीय मध्य प्रदेश विधानसभा में 114 कांग्रेस विधायक हैं. चार निर्दलीय, एक समाजवादी पार्टी और दो बहुजन समाज पार्टी के विधायक कांग्रेस के साथ हैं. भाजपा के 109 विधायक हैं जबकि दो सीटें खाली हैं.