आर्थिक संकट से जूझ रहे यस बैंक के पुनर्गठन यानी रीकंस्ट्रक्शन का रास्ता साफ हो गया है. खबरों के मुताबिक केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद सरकार ने इससे जुड़ी योजना को अधिसूचित कर दिया है. शुक्रवार को जारी इस अधिसूचना के मुताबिक यस बैंक खातों से निकासी पर लगी रोक को अगले दिन कार्यदिवसों (वर्किंग डे) में हटा लिया जाएगा. बैंक के ग्राहकों के लिए तीन अप्रैल तक 50,000 रुपये तक की निकासी सीमा तय की गई थी. भारतीय रिजर्व बैंक के इस फैसले से खासतौर पर उन जमाकर्ताओं को काफी दिक्कत हो रही है जिन्हें अपने काम के लिए इससे ज्यादा रकम की जरूरत है.

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि पुनर्गठन योजना के तहत भारतीय स्टेट बैंक यस बैंक में 49 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदेगा. उनके मुताबिक अन्य निवेशकों को भी आमंत्रित किया जाएगा. इस बीच, निजी क्षेत्र के आईसीआईसीआई बैंक और एचडीएफसी बैंक ने यस बैंक में 1,000-1,000 करोड़ रुपये निवेश की घोषणा की है. वहीं एक्सिस बैंक यस बैंक में 600 करोड़ रुपये निवेश करेगा. इसके अलावा कोटक महिन्द्रा बैंक ने भी इसमें 500 करोड़ रुपये निवेश की घोषणा की है.

रिजर्व बैंक ने यस बैंक का निदेशक मंडल भी भंग कर अपना प्रशासक नियुक्त कर दिया था. अधिसूचना में सात दिन के भीतर नए निदेशक मंडल का गठन करने की बात कही गई है.