सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी बढ़ा दी है. इसमें तीन रु प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है. इससे उसे 39 हजार करोड़ रु का अतिरिक्त राजस्व मिलेगा. उसका यह कदम अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बीच आया है. एक्साइज ड्यूटी में इस बढ़ोतरी का पेट्रोल और डीजल की मौजूदा कीमत पर असर नहीं पड़ेगा क्योंकि तेल कंपनियां इसे कच्चे तेल की कीमत में गिरावट से उन्हें होने वाले फायदे में एडजस्ट कर लेंगी.

इसके अलावा सड़क अधिभार यानी रोड सेस भी बढ़ा दिया गया है. पेट्रोल-डीजल पर अब एक रु ज्यादा यानी 10 रु प्रति लीटर रोड सेस देना होगा. माना जा रहा है कि ताजा बढ़ोतरी से सरकार को हर साल 39 हजार करोड़ रु का अतिरिक्त राजस्व मिलेगा. कुल मिलाकर देखें तो पेट्रोल पर अब 22.98 तो डीजल पर 18.83 रु प्रति लीटर के हिसाब से एक्साइज ड्यूटी लग रही है. 2014 में जब मोदी सरकार ने कार्यभार संभाला था तो यह आंकड़ा क्रमश: 9.48 और 3.56 था.