समायोजित सकल राजस्व (एजीआर) बकाया मामले में सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से दूरसंचार (टेलीकॉम) कंपनियों को 20 साल की समयसीमा देने का अनुरोध किया है.

सोमवार को सुनवाई के दौरान उसने अदालत से कहा कि कंपनियों को 20 साल में आठ फीसदी वार्षिक ब्याज दर से किस्तों में भुगतान करने की अनुमति दी जाए. सरकार का कहना है कि अगर कंपनियों से एक बार में भुगतान करवाया जाएगा तो टेलीकॉम और बैंकिंग सेक्टर पर इसका बुरा असर पड़ सकता है. सरकार के मुताबिक वो इस मुद्दे का विस्तृत अध्ययन करने के बाद अदालत से ये अनुरोध कर रही है.

हाल में सुप्रीम कोर्ट ने टेलीकॉम कंपनियों को आदेश दिया था कि वे एक ही बार में सरकार को 1.47 लाख करोड़ रुपए का एजीआर बकाया भुगतान करें. कंपनियों ने इसमें असमर्थता जताते हुए अदालत में पुनर्विचार याचिका लगाई थी जो खारिज हो गई. इसके बाद भी भुगतान में देरी होने पर सुप्रीम कोर्ट ने कंपनियों और सरकार को फटकार लगाई थी. अदालत ने कहा था कि अगर अब भुगतान में देर हुई तो इसे आदेश की अवमानना माना जाएगा.

इसके बाद टेलीकॉम कंपनियों ने थोड़ी रकम सरकार को चुकायी थी. लेकिन इसके बाद भी करीब एक लाख करोड़ रुपए की रकम का भुगतान करना बाकी है.