मध्य प्रदेश में सियासी उठापटक के बीच मुख्यमंत्री कमलनाथ ने दावा किया है कि उनके पास संख्या बल है. राज्यपाल लालजी टंडन ने उन्हें आज ही बहुमत साबित करने का निर्देश दिया है. इससे पहले सोमवार को विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति ने कोरोना वायरस से उपजे हालात का हवाला देकर 26 मार्च तक विधानसभा की कार्यवाही स्थगित कर दी थी.

उधर, विधानसभा अध्यक्ष द्वारा 26 मार्च तक सदन की कार्यवाही रोके जाने के खिलाफ भाजपा नेता और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए हैं. एक याचिका में उन्होंने मांग की है कि 48 घंटे के भीतर विश्वासमत परीक्षण करवाया जाए. इस याचिका पर आज ही सुनवाई होनी है.

कमलनाथ सरकार पर यह संकट 22 विधायकों के इस्तीफे के बाद आया. ये सभी ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक हैं जो कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो चुके हैं. विधानसभा अध्यक्ष ने अभी तक इनमें से सिर्फ छह के इस्तीफे स्वीकार किए हैं. यानी अब विधानसभा सदस्यों की संख्या 122 है और बहुमत का आंकड़ा 112. विपक्षी भाजपा के पास 107 विधायक हैं जबकि कांग्रेस के पास 108.