देश के पूर्व मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने उन्हें राज्यसभा के लिए नामांकित किए जाने को लेकर उठ रहे सवालों पर प्रतिक्रिया दी है. असम के गुवाहाटी में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि वे शपथ लेने के बाद बोलेंगे. खबरों के मुताबिक रंजन गोगोई का कहना था, ‘शायद मैं कल दिल्ली जाऊंगा. पहले मुझे शपथ लेने दीजिए तब मैं विस्तार से मीडिया को बताऊंगा कि मैंने ये पेशकश क्यों स्वीकार की.’

13 महीने तक मुख्य न्यायाधीश की जिम्मेदारी संभालने के बाद रंजन गोगोई बीते साल नवंबर में रिटायर हुए थे. इसके चार महीने के भीतर ही राष्ट्रपति द्वारा उन्हें राज्य सभा के लिए नामांकित किए जाने पर सवाल उठ रहे हैं. खुद सुप्रीम कोर्ट अपने एक फैसले में कह चुका है कि कार्यपालिका द्वारा की जाने वाली ऐसी नियुक्तियों से न्यायपालिका की आजादी खतरे में पड़ती है.

अयोध्या विवाद के अलावा रंजन गोगोई को अनुच्छेद 370, तीन तलाक पर अध्यादेश और केरल के सबरीमला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश को लेकर उनके फैसलों के लिए भी जाना जाता है. मुख्य न्यायाधीश बनने से पहले रंजन गोगोई तब भी चर्चा में आए थे जब उन्होंने तीन अन्य वरिष्ठतम जजों के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी. इसमें उन्होंने तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा के कामकाज पर सवाल उठाए थे. इन सभी जजों ने जनता से न्यायपालिका को बचाने की अपील की थी.