कोरोना वायरस को लेकर चीन और अमेरिका में तनातनी, दोनों ने एक दूसरे पर ये वायरस फैलाने का आरोप लगाया

पूरी दुनिया के लिए आफत बने कोरोना वायरस को लेकर अमेरिका और चीन में तनातनी दिख रही है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा इसे चीनी वायरस कहे जाने पर चीन ने कड़ी आपत्ति जताई है. चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गेंग शुआंग ने कहा कि अमेरिका चीन के खिलाफ बेबुनियाद आरोप लगाना बंद करे. हालांकि चीन के विरोध के बाद भी डोनाल्ड ट्रंप ने फिर इसे चीनी वायरस कहा है. उधर, चीन भी आरोप लगाता रहा है कि कोरोना वायरस अमेरिका से आया है. बीते हफ्ते चीनी विदेश मंत्रालय ने कोरोना वायरस को एक साजिश बताते हुए अमेरिकी सेना पर इसे चीन में फैलाने का आरोप लगाया था. इसे डोनाल्ड ट्रंप ने खारिज किया है.

सेना में कोरोना वायरस संक्रमण के पहले मामले की पुष्टि, सरकार ने अर्धसैनिक बलों को बैटल मोड में आने को कहा

कोरोना वायरस ने भारतीय सेना में भी सेंध लगा दी है. लद्दाख स्काउट्स के एक जवान के इसकी चपेट में आने की पुष्टि हुई है. इसके बाद संबंधित रेजीमेंट के करीब आठ सौ जवानों को आइसोलेशन में रखा गया है. सरकार ने सभी अर्द्धसैनिक बलों को ‘बैटल मोड’ में आने यानी युद्ध स्तर की तैयारियां करने को भी कहा है. एक एडवायज़री जारी कर दी गई है, जिसमें कोरोनावायरस को फैलने से रोकने में सैनिकों की ज़िम्मेदारियों के बारे में विस्तार से बताया गया है.इस वायरस के चलते अब तक दुनियाभर में 7,000 से ज़्यादा मौतें हो चुकी हैं. 1,70,000 से ज़्यादा अन्य लोग इसकी चपेट में आ चुके हैं. भारत में अब तक कोरोना वायरस के चलते तीन लोग मौत का शिकार हो चुके हैं,. देशभर में इसके करीब डेढ सौ मामले सामने आए हैं.

मध्य प्रदेश में सियासी सस्पेंस जारी, सुप्रीम कोर्ट में मामले की गुरुवार को फिर सुनवाई

मध्य प्रदेश में कमलनाथ सरकार के भविष्य को लेकर सस्पेंस जारी है. आज शीर्ष अदालत ने विधानसभा अध्यक्ष से पूछा कि वे कांग्रेस के बागी विधायकों के इस्तीफे पर कब तक फैसला करेंगे. 22 बागी विधायकों में से अभी सिर्फ छह के इस्तीफे स्वीकार हुए हैं. सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान कांग्रेस और भाजपा, दोनों ने एक दूसरे पर लोकतंत्र का गला घोंटने का आरोप लगाया. कमलनाथ सरकार का साथ छोड़ने वाले सभी 22 विधायक ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक हैं जो कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो चुके हैं. हालांकि मुख्यमंत्री कमलनाथ दावा कर रहे हैं कि वे बहुमत साबित कर देंगे. मामले की गुरुवार को फिर सुनवाई होगी.

एजीआर बकाया मामले में दूरसंचार कंपनियों और सरकार को सुप्रीम कोर्ट की कड़ी फटकार, कहा - फैसला अंतिम

एजीआर बकाया मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सरकार और दूरसंचार कंपनियों को कड़ी फटकार लगाई है. सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से टेलिकॉम कंपनियों को 20 साल की समयसीमा देने का अनुरोध किया था. उसने ये सुझाव भी दिया था कि बकाए का फिर से आकलन किया जा सकता है. कल अदालत ने इस पर कहा कि उसका फैसला अंतिम है. उसके मुताबिक अगर फैसले के पालन में कुछ भी बदलाव हुआ तो वो ऐसा करने वाले को बख्शेगी नहीं. हाल में सुप्रीम कोर्ट ने टेलिकॉम कंपनियों को आदेश दिया था कि वे एक ही बार में सरकार को 1.47 लाख करोड़ रु का एजीआर बकाया भुगतान करें. कंपनियों ने इसमें असमर्थता जताते हुए अदालत में पुनर्विचार याचिका लगाई थी जो खारिज हो गई.

यस बैंक के ग्राहकों को बड़ी राहत, नकद निकासी सीमा हटी, सामान्य सेवाएं बहाल

आर्थिक संकट से जूझ रहे यस बैंक के ग्राहकों को बड़ी राहत मिली है. बैंक ने ऐलान किया है कि उसकी सभी सेवाएं बहाल हो गई है. रिजर्व बैंक ने पिछले दिनों यस बैंक के ग्राहकों के लिए नकद निकासी पर 50 हजार रु की सीमा तय कर दी थी. साथ ही उसने बैंक पर कुछ अन्य प्रतिबंध भी लगा दिए थे. ये प्रतिबंध अब हट गए हैं. यस बैंक को संकट से उबारने के लिए एसबीआई सहित कई बैंकों ने उसकी हिस्सेदारी खरीदने का ऐलान किया है. बैंक के संस्थापक राणा कपूर फिलहाल प्रवर्तन निदेशालय की हिरासत में हैं. उन पर रिश्वत लेकर ऐसी कंपनियों को भी कर्ज देने का आरोप है जिनकी माली हालत ठीक नहीं थी. ये कर्ज बाद में एनपीए हो गया था जिसके चलते बैंक संकट में आ गया.