पूर्व मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने आज राज्य सभा सांसद के रूप में शपथ ली. इस दौरान कांग्रेस और दूसरी विपक्षी पार्टियो ने ‘शर्म करो’ के नारे लगाए. विपक्षी दलों का आरोप है कि इस नियुक्ति ने न्यायपालिका की आजादी को खतरे में डाला है. समाजवादी पार्टी के अलावा बाकी दलों ने रंजन गोगोई की शपथ के बीच में ही बहिर्गमन यानी वाकआउट किया.

उधर, सरकार ने रंजन गोगोई का बचाव किया है. कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा, ‘राज्य सभा में अलग-अलग क्षेत्रों से जानी-मानी हस्तियों के आने की महान परंपरा रही है जिनमें पूर्व मुख्य न्यायाधीश शामिल हैं.’ उन्होंने विपक्ष के वाकआउट को गलत बताया और कहा कि रंजन गोगोई राज्य सभा में अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान करेंगे. सभापति वेंकैया नायडू ने भी कहा कि राज्य सभा में नामांकन के लिए तय नियम हैं और विपक्ष का वाकआउट गलत है.

रंजन गोगोई बीते नवंबर में ही रिटायर हुए थे. उनकी नियुक्ति पर कई पूर्व जजों ने भी एतराज जताया है. सुप्रीम कोर्ट के जज रहे कुरियन जोसेफ ने कहा है कि रंजन गोगोई की नियुक्ति ने न्यायपालिका पर लोगों का विश्वास हिलाने का काम किया है. उधर, रंजन गोगोई का कहना है कि वे न्यायपालिका और विधायिका में सामंजस्य सुनिश्चित करने के लिए राज्य सभा आए हैं.